पीटर नवारो, शशि थरूर (फोटो- सोशल मीडिया) 
विदेश

पीटर नवारो के टैरिफ महाराज वाले बयान पर भड़के शशि थरूर, बता दिया क्या है ट्रंप का प्लान

Shashi Tharoor: कांग्रेस सासंद शशि थरूर ने टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी पीटर नवारो के बयानों की आलोचना की है। उन्होंने बयानों की भाषा पर आपत्ति जताई।

अक्षय साहू

Shashi Tharoor on US Tariffs: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी पीटर नवारो पर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने हाल ही में भारत पर टैरिफ को लेकर नवारो द्वारा दिए बयानों की आलोचना की। थरूर ने इसे गैरजिम्मेदारना करार देते कहा कि जब दो देशों के बीच करीबी आ रही हो, तब ऐसी भाषा का उपयोग करना सही नहीं है।

व्हाइट हाउस के ट्रेड और मैन्युफैक्चरिंग सलाहकार पीटर नवारो ने अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का बचाव करते हुए भारत को 'टैरिफ का महाराजा' और 'रूस का लॉन्ड्रोमैट' बताया था। इसके अलावा नवारो ने यूक्रेन युद्ध के लिए भारत को जिम्मेदार बताते हुए इसे 'मोदी का युद्ध' तक बता दिया था। जिसे लेकर भारत सरकार ने कड़ी आलोचना की थी।

अमेरिका की भाषा बेहद अपमानजनक

तिरुवनंतपुरम में मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में शशि थरूर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ भारत में बेहद नकारात्मक आई है। थरूर ने ट्र्रंप के बयानों की आलोचना करते हुए ट्वीट्स की भाषा भी काफी अपमानजनक बताया।

उन्होंने कहा, ‘इसके बाद उनके उनके सलाहकार पीटर नवारो के आपत्तिजनक बयानों भारत में उनके खिलाफ आक्रोश पैदा करने का काम किया है। थरूर ने कहा, यदि भारत और अमेरिका के 30 30 साल पूराने रिश्ते में कोई बड़ी परेशानी या मतभेद नहीं और दोनों देश करीब आ रहे हैं, तो फिर अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके करीबी भारत के खिलाफ इस प्रकार की भाषा का उपयोग क्यों कर रहे हैं? इस बात को कहीं से भी सही करार नहीं दिया जा सकता।

वोट बैंक मजबूत करना मकसद

इसके साथ ही कांग्रेस सांसद ने उन बातों का जिक्र किया जहां-जहां गलतियां हुईं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ को एक जादुई हथियार की तरह देखते हैं, अमेरिका के घाटे को कम करने के साथ उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षा को पूरा करने और कई समस्याओं का हल निकाल सकता है।

थरूर ने कहा, ‘डोनाल्ड ट्रंप का इरादा आयात किए गए सामानों को और महंगा बनाने का है, जिससे अमेरिकी कंपनियां विदेश से सामान आयात करने की जगह उसकी निर्माण देश में ही करे। जिससे अमेरिकियों को नौकरियां मिलेंगी और जो उनका वोट बैंक होगा।

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