Saudi Arabia Jubail Jazan Blast: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हाल ही में मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट हुआ है। इसके कुछ ही दिन बाद सऊदी अरब के जुबैल और जजान इलाके से धमाके और आग की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी तक सऊदी सरकार ने दोनों घटनाओं के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब के जुबैल इलाके में तेज धमाके की आवाज सुनी गई। इसके बाद दावा किया गया कि जुबैल इंडस्ट्रियल सिटी की एक गैस फैसिलिटी को निशाना बनाया गया और वहां आग लग गई। हालांकि, धमाके की असली वजह क्या थी और इसमें किसी हमले की भूमिका थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जुबैल और जजान कहां हैं?
जुबैल सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है। वहीं जजान देश के दक्षिण-पश्चिम में लाल सागर के पास है। दोनों इलाके रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। जुबैल में सऊदी अरब का बड़ा औद्योगिक और ऊर्जा ढांचा मौजूद है, जबकि जजान यमन की सीमा के करीब होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने जजान में अरामको की एक औद्योगिक सुविधा में आग लगने की पुष्टि की है। मंत्रालय के मुताबिक, आग रविवार तड़के लगी थी। अरामको की इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फायरफाइटिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
जजान में लगी आग की वजह के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इसे सीधे किसी मिसाइल या ड्रोन हमले से जोड़ना जल्दबाजी होगी। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। इसी तरह जुबैल में हुए धमाके को लेकर भी आधिकारिक जांच का इंतजार है।
क्षेत्रीय मीडिया में जुबैल की घटना को यमन के हूती विद्रोहियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इजरायली मीडिया चैनल 14 की रिपोर्ट में हूतियों को इसके पीछे बताया गया है। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे केवल एक दावा माना जा रहा है।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते के बाद इन घटनाओं की टाइमिंग ने चर्चा बढ़ा दी है। समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करना है। इसके तहत किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे साझा सुरक्षा चुनौती माना जा सकता है।