Russian Defence Ministry Aircraft Crash: रूस के इवानोवो क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा विमान हादसा हुआ, जहां दुनिया का सबसे बड़ा टर्बोप्रॉप विमान An-22 दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
शुरूआती रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान रूसी रक्षा मंत्रालय का था और इसमें चालक दल के सात सदस्य सवार थे। हादसा इवानोवो के फुरमानोव्स्की जिले में हुआ, जो मॉस्को से लगभग 321 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।
An-22 एक ऐसा विमान है, जिसे अपनी विशाल आकार, भारी वजन क्षमता और मजबूत निर्माण के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। टर्बोप्रॉप विमान अपनी फ्यूल एफिशियंसी, कम दूरी में टेकऑफ और भारी सामान ढोने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध होते हैं। ATR-72 और Dash-8 जैसे कॉमर्शियल विमान भी इसी कैटेगरी में आते हैं। An-22 को 1960 के दशक में कीव स्थित ओ.के. एंतोनोव एरोनॉटिकल साइंटिफिक एंड टेक्निकल कॉम्प्लेक्स ने डिजाइन किया था। इस विमान की माल ढोने की क्षमता 60 टन तक है, जबकि यह एक बार में 290 सैनिक या 150 पैराट्रूपर्स को ले जा सकता है।
एंतोनोव कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, An-22 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी मजबूत उड़ान क्षमता और कच्चे रनवे पर भी आसानी से उड़ान भरने की योग्यता है। ये विशेषताएं इसे दूरदराज और कठिन इलाकों में भारी सामान भेजने के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती हैं।
विमान 650 से 760 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। 1965 से 1976 के बीच कुल 66 An-22 एयरक्राफ्ट बनाए गए थे। 1980 के बाद से इसे दुनिया के सबसे बड़े विमानों AN-124 रूसलान और AN-225 म्रिया के बड़े हिस्सों को ढोने के लिए भी इस्तेमाल किया गया।
रूस में पिछले कुछ महीनों में विमान हादसों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है-
1- 4 सितंबर 2025 को रियाजान क्षेत्र में X-32 बेकास नामक हल्का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे में पायलट की मौत हो गई थी।
2- नवंबर 2025 में रूसी एयरफोर्स का Su-30 लड़ाकू विमान करेेलिया क्षेत्र में क्रैश हो गया, जिसमें दो पायलटों की मौत हुई।
An-22 की यह ताजा दुर्घटना रूस के सैन्य विमानन कार्यक्रम पर कई सवाल खड़े करती है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को और मजबूत करती है।