श्रीलंका में राजनाथ सिंह (सोर्स- Rajnath Singh/X)
विदेश

श्रीलंका सेना के लिए AI फैसिलिटी बनाने में मदद करेगा भारत, राजनाथ सिंह ने श्रीलंका में की घोषणा

Sri Lanka AI Facility: भारत और श्रीलंका मिलकर श्रीलंकाई सेना के लिए एक अत्याधुनिक एआई लैब बनाएंगे, जिसकी बड़ी घोषणा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में आयोजित बड़े कार्यक्रम में कर दी है।

प्रिया सिंह

Rajnath Singh On India Building Sri Lanka AI Facility: भारत और श्रीलंका के बीच डिफेंस कोऑपरेशन को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई मजबूती मिलने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में घोषणा की कि भारत, श्रीलंका की सेना की टेक्निकल कैपेसिटी बढ़ाने के लिए एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई लैब बनाने में सहयोग करेगा।

यह पहल मॉडर्न डिफेंस जरूरतों और फ्यूचर सिक्योरिटी चैलेंजेज को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। इसका उद्देश्य श्रीलंकाई आर्म्ड फोर्सेज की कैपेसिटी बिल्डिंग और स्ट्रैटेजिक एफिशिएंसी को और मजबूत करना है।

INS उदयगिरि पर हुआ बड़ा ऐलान

राजनाथ सिंह ने बुधवार को कोलंबो पोर्ट पर भारतीय नौसेना के वॉरशिप आईएनएस उदयगिरि पर आयोजित एक स्पेशल डेक रिसेप्शन के दौरान एआई फैसिलिटी को लेकर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत श्रीलंका के आर्म्ड फोर्सेज की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए एक भरोसेमंद और कमिटेड पार्टनर बना रहेगा।

रक्षा मंत्री के अनुसार, दोनों देश श्रीलंकाई सेना के लिए डेडिकेटेड एआई लैब बनाने पर मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग भारत और श्रीलंका के बीच डिफेंस कोऑपरेशन का एक महत्वपूर्ण पिलर रहा है और आगे भी रहेगा।

मैरीटाइम कोऑपरेशन पर भी जोर

कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने भारत और श्रीलंका के बीच मैरीटाइम कोऑपरेशन और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में भविष्य में और व्यापक कोऑपरेशन की संभावनाएं देखते हैं।

आईएनएस उदयगिरि की श्रीलंका विजिट को दोनों देशों के बीच डिफेंस कोऑपरेशन और आपसी कमिटमेंट का प्रतीक बताया गया। यह वॉरशिप श्रीलंका की एयर फोर्स और नेवी के लिए जरूरी डिफेंस इक्विपमेंट और स्पेयर पार्ट्स भी लेकर पहुंचा था।

तीन महत्वपूर्ण MOU पर हुए साइन

इससे पहले राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ कोलंबो में मीटिंग की। मीटिंग के बाद दोनों देशों के बीच डिफेंस कोऑपरेशन को बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू पर साइन किए गए।

इन एग्रीमेंट्स में श्रीलंका एयर फोर्स की एल-70 गन्स के अपग्रेड और भारत-श्रीलंका के नेशनल कैडेट कॉर्प्स तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के बीच कोऑपरेशन से जुड़े प्रोविजंस शामिल हैं। इससे दोनों देशों के डिफेंस इंस्टीट्यूशंस के बीच ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

श्रीलंका को डिफेंस इक्विपमेंट की मदद

भारत ने अपनी डिफेंस डिप्लोमेसी के तहत श्रीलंका को कई महत्वपूर्ण इक्विपमेंट और स्पेयर पार्ट्स भी सौंपे। इनमें इंद्रा एमके 2 रडार के पार्ट्स, एसएलएनएस सयूरा के लिए स्पेयर पार्ट्स और श्रीलंकाई नेवी के लिए इन्फ्लेटेबल टारगेट्स शामिल हैं।

यह असिस्टेंस दोनों देशों के बीच डिफेंस कोऑपरेशन को प्रैक्टिकल लेवल पर मजबूत करने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। साथ ही इससे श्रीलंका की डिफेंस कैपेबिलिटीज को मॉडर्न जरूरतों के अनुरूप डेवलप करने में मदद मिल सकती है।

AI से मजबूत होंगे डिफेंस रिलेशंस

श्रीलंका की सेना के लिए एआई लैब बनाने की पहल भारत और श्रीलंका के डिफेंस रिलेशंस में टेक्निकल कोऑपरेशन का नया चैप्टर खोल सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडर्न मिलिट्री कैपेबिलिटीज और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।

भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ता डिफेंस और मैरीटाइम कोऑपरेशन केवल दोनों देशों की सिक्योरिटी जरूरतों तक सीमित नहीं है। हिंद महासागर क्षेत्र में स्टेबिलिटी, सिक्योरिटी और कोऑपरेशन को मजबूत करने में भी यह पार्टनरशिप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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