Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विदेशी धरती से एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, भारत एक ऐसा देश है जहाँ कई धर्म, भाषाएँ और परंपराएँ हैं। यहाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था सभी को जगह देती है। लेकिन आज इस व्यवस्था पर हर तरफ से हमला हो रहा है। राहुल ने बयान कोलंबिया यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत के दौरान कही।
राहुल गांधी ने भारत की चीन के तुलना करते हुए कहा कि, भारत और चीन की व्यवस्था में बड़ा अंतर है। चीन की व्यवस्था बहुत सख्त और केंद्रीकृत है। जबकि भारत की व्यवस्था विविधताओं से भरी हुई है यहाँ कई भाषाएँ, धर्म और परंपराएँ हैं। भारत का ढांचा लोकतंत्र पर टिका है और इसी वजह से यह ज्यादा जटिल है। लेकिन इस समय इस पर लगातार हमले हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन इसके लिए देश को अपनी भीतर की कमजोरियों से भी लड़ना होगा। राहुल गांधी के मुताबिक, भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है। उन्होंने कहा, भारत को इन अलग-अलग परंपराओं, धर्मों और विचारों को एक साथ रखने की जरूरत है। इसके लिए लोकतंत्र ही सबसे सही तरीका है। लेकिन आज यही लोकतांत्रिक ढांचा खतरे में है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में अलग-अलग क्षेत्रों के बीच दरार बढ़ रही है, और इसे ठीक करना जरूरी है। हम चीन की तरह लोगों की आवाज दबा कर नहीं चल सकते। हमारा देश ऐसी तानाशाही व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल गांधी ने चीन की तारीफ करते हुए कहा, पहले अंग्रेजों ने भाप इंजन और कोयले पर नियंत्रण कर साम्राज्य बनाया। फिर अमेरिका ने पेट्रोल और इंजन की मदद से ताकत पाई। अब हम बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर्स के युग में जा रहे हैं। और इस नई दौड़ में चीन फिलहाल आगे है।"
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राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वह फिर से विदेशी जमीन पर भारत की छवि को खराब कर रहे हैं। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल को “दुष्प्रचार का नेता” बताते हुए आरोप लगाया कि वह बार-बार भारत के खिलाफ बयान देते हैं और विदेशी ताकतों से दखल की मांग करते हैं।