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विदेश

इजरायली सेना की हद पार...लकड़ी बीनने गए बच्चों को खतरा बताकर खोल दी बंदूक की नली, मचा हड़कंप

Gaza Board of Peace: गाजा में इजरायली हमले में दो किशोर, मोहम्मद (14) और सुलेमान (13), लकड़ी इकट्ठा करते हुए मारे गए। उनके शव अस्पताल लाए गए, और पिता को रोते हुए देखा गया।

अक्षय साहू

Palestinian Children Killed: गाजा में शांति की चर्चा के बीच स्थिति और भी जटिल होती जा रही है। अमेरिकी दूत जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ इजरायल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य मकसद गाजा का भविष्य, हमास को पूरी तरह से नष्ट करना, और युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के उपायों पर चर्चा करना था। हालांकि, इस दौरान गाजा में इजरायली हमले जारी रहे, जिनमें दो किशोर बच्चों की जान चली गई।

शनिवार की सुबह उत्तरी गाजा में दो फिलिस्तीनी बच्चे मारे गए, जो चचेरे भाई थे। मोहम्मद (14 साल) और सुलेमान (13 साल) लकड़ी इकट्ठा करने के लिए घर से बाहर गए थे ताकि वे अपने परिवार के लिए खाना पकाने और घर को गर्म रखने के लिए ईंधन ला सकें। उनके शव को अल-शिफा अस्पताल में लाया गया, और एक वीडियो में उनके पिता को अपने बेटों के शवों को गोद में लेकर रोते हुए देखा गया।

इजरायली सेना ने जारी किया बयान

इजरायल की सेना ने दावा किया कि सैनिकों को खतरा महसूस हुआ, इसलिए कार्रवाई की गई। सेना ने यह भी कहा कि मारे गए लोग बच्चे नहीं थे, लेकिन परिवार ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि वे दोनों बच्चे थे और घटना से काफी दूर अस्पताल के पास थे। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटनाएँ हुई हैं। नवंबर में भी दो बच्चे लकड़ी लेने गए थे और ड्रोन हमले में मारे गए थे, तब भी सेना ने उन्हें संदिग्ध बताया था।

युद्धविराम के बाद अब तक 484 लोग मारे

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बावजूद अब तक 484 लोग मारे गए हैं और 1,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक कुल मौतों का आंकड़ा 71,000 से अधिक हो चुका है। पिछले हफ्ते, इजरायली हमलों में कम से कम 11 लोग मारे गए, जिनमें तीन पत्रकार भी शामिल थे, जो मिस्र की राहत समिति के लिए काम कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने इसे युद्धविराम के बाद भी जारी रहने वाली हिंसा के रूप में देखा है। अब तक, इजरायली हमलों में 292 पत्रकार मारे जा चुके हैं।

नेतन्याहू से क्यों मिले अमेरिकी दूत?

जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की नेतन्याहू से मुलाकात उस समय हुई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाने और गाजा समझौते के दूसरे चरण पर बातचीत करने की बात की थी। इस बैठक में व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जोश ग्रीनबाम भी मौजूद थे।

इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य हमास को नष्ट करने के उपायों पर विचार करना और युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलना था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुशनर ने नेतन्याहू को राफा से गाजा पुनर्निर्माण योजना का खाका दिखाया, जिसमें हमास को निहत्था करने के लिए 100 दिनों का लक्ष्य रखा गया है। 

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