सिलोविकी के पास होती है पुतिन के पास रहने की इजाजत (सोर्स- सोशल मीडिया)
Putin Siloviki Inner Circle: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरा शुरू होने में अब कुछ ही घंटे बाकी है। पुतिन के विदेश दौरे पर उनकी सुरक्षा और उनके करीबी लोगों की चर्चा होती है। रूसी राष्ट्रपति अपने आसपास केवल चुनिंदा लोगों को ही रखते हैं। इन खास लोगों को रूस में ‘सिलोविकी’ कहा जाता है।
सिलोविकी शब्द उन अधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है, जो पहले केजीबी जैसी खुफिया एजेंसियों में काम कर चुके होते हैं और अब पुतिन के करीब रहते हैं। ये लोग उनके फैसलों में सलाह देते हैं और सुरक्षा, राजनीति और राष्ट्रीय हितों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुतिन के करीबी एलीट समूह में दो तरह के लोग होते हैं। टेक्नोक्रेट्स जो सरकार में काम करते हैं लेकिन सुरक्षा मामलों में दखल नहीं देते, और सिलोविकी, जो पुतिन और देश की सुरक्षा के हर फैसले में अहम भूमिका निभाते हैं। आइए हम आपको पुतिन के साथ उनके हर विदेश यात्रा में जाने वाले कुछ अधिकारियों के बारे में बताते हैं।
- अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव- रूस की घरेलू खुफिया एजेंसी FSB के प्रमुख हैं। वे देश की सुरक्षा और पुतिन की सत्ता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पुतिन के साथ केजीबी में काम किया था और उनकी राजनीतिक सलाह महत्वपूर्ण मानी जाती है।
- सर्गेई नारिश्किन- रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR के प्रमुख हैं। वे भी पूर्व केजीबी अधिकारी हैं और पुतिन के पुराने साथी हैं। नारिश्किन पुतिन के नज़दीकी सलाहकार माने जाते हैं और रूस के इतिहास और संस्कृति को अपने अनुसार प्रचारित करने में सक्रिय हैं।
- निकोलाई पात्रुशेव- रूस की सुरक्षा परिषद के प्रमुख हैं और पुतिन के पुराने दोस्त हैं। दोनों ने 1970 के दशक में लेनिनग्राद में केजीबी में काम किया था। पात्रुशेव पश्चिमी देशों के प्रति बहुत आलोचनात्मक हैं और अक्सर रूस के खिलाफ षड्यंत्रों का दावा करते हैं। उनका प्रभाव रूस की विदेश नीति में खासकर यूरोप और नाटो देशों के मामलों में देखा जाता है।
- सर्गेई शोइग- रक्षा मंत्री हैं। उन्होंने सेना में सीधे केजीबी सेवा नहीं की, लेकिन आधुनिक रूसी सेना और खुफिया एजेंसियों की निगरानी उनके अधीन है। वे पुतिन के साथ साइबेरिया में शिकार और निशानेबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं।
- यूरी कोवलचुक- पुतिन के निजी और पारिवारिक मित्र हैं। उन्होंने कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन पुतिन के विचारों के बहुत करीब माने जाते हैं और रूस की सत्ता में उनका भी अप्रत्यक्ष प्रभाव है।
- एंटोन वैनो- राष्ट्रपति कार्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ हैं। वे पुतिन के प्रशासन को व्यवस्थित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और सार्वजनिक रूप से कम दिखते हैं।
- वालेरी गेरासिमोव- सेना के जनरल स्टाफ के प्रमुख हैं। यूक्रेन पर आक्रमण की योजना उनके कार्यक्षेत्र में थी। वे पुतिन के पुराने सैनिकों में शामिल हैं और उनके विश्वास को बनाए रखते हैं।
सिलोविकी पुतिन के करीबी होते हैं और रूस की नीतियों, विशेषकर सुरक्षा और विदेश नीति में उनका प्रभाव बहुत ज्यादा है। इनकी सलाह से ही पुतिन के महत्वपूर्ण फैसले तय होते हैं, चाहे वह यूरोप की दिशा हो या देश की आंतरिक सुरक्षा।