

PTI Protest: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेटर रहे इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ, ने "चलो अडियाला" का आह्वान किया है। इसके बाद उनके समर्थक रावलपिंडी की ओर बढ़ने लगे हैं। पेशावर, लाहौर, फ़ैसलाबाद और हरिपुर से भी इमरान खान के समर्थकों के काफिले निकल रहे हैं। यह प्रदर्शन इमरान खान की रावलपिंडी की अडियाला जेल से रिहाई की मांग को लेकर किया जा रहा है। खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है।
सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत सार्वजनिक समारोहों और सभाओं पर प्रतिबंध है। रावलपिंडी के उपायुक्त डॉ. हसन वकार चीमा ने जारी आदेश में कहा कि यह प्रतिबंध 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक लागू रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार की रैली, धरना, जुलूस, जलसा या पांच से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक रहेगी। इसके अलावा किसी भी तरह के हथियार, डंडे, गुलेल, बॉल बेयरिंग, पेट्रोल बम, विस्फोटक या खतरनाक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। हथियारों का प्रदर्शन भी निषिद्ध है, सिवाय उन हथियारों के जो कानून द्वारा लाई जा सकती हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी तरह का आपत्तिजनक या नफरत फैलाने वाला भाषण नहीं दिया जा सकता। पुलिस द्वारा लगाए गए यातायात या भीड़ नियंत्रण के प्रतिबंधों को हटाने का प्रयास नहीं किया जा सकता। वाहन में पीछे की सीट पर अतिरिक्त सवारी नहीं बैठ सकती और लाउडस्पीकर का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।
जिला प्रशासन ने यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया है। खुफिया जानकारी के आधार पर बताया गया है कि कुछ समूह बड़े जमावड़े और विरोध प्रदर्शनों के जरिए कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की योजना बना रहे हैं। इन समूहों से संवेदनशील जगहों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को खतरा हो सकता है।
इमरान खान अगस्त 2023 से कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में हैं। उनका कहना है कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक महीने से ज्यादा समय से उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने जेल प्रशासन से इमरान खान के जीवित होने का प्रमाण देने की मांग की है। उनकी बहनें जेल के बाहर धरने पर बैठी हुई हैं और लगातार उनकी सुरक्षा और रिहाई की मांग कर रही हैं।