रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

क्या यूक्रेन युद्ध में चलेगा परमाणु बम? एक ही घंटे के भीतर दो बार आए पुतिन के बयान से मची खलबली

Putin Nuclear Threat Warning: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कलिनिनग्राद पर हमले की स्थिति में परमाणु बम के इस्तेमाल की चेतावनी दी है। नाटो की घेराबंदी धमकियों के बाद हड़कंप मच गया है।

प्रिया सिंह

Putin Nuclear Threat NATO Kaliningrad: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने नाटो को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बाल्टिक स्थित कलिनिनग्राद पर हमले की स्थिति में रूस परमाणु हथियार इस्तेमाल कर सकता है। मॉस्को में 'वल्दाई डिस्कशन क्लब' में बोलते हुए पुतिन ने एक घंटे में दो बार यह चेतावनी दी।

उनका यह कड़ा रुख कलिनिनग्राद के पास नाटो के सैन्य अभ्यासों व घेराबंदी की धमकियों के बाद आया है। नाटो ने खतरा होने से इनकार किया है और मॉस्को की परमाणु बयानबाजी की कड़ी आलोचना की है। पांचवें साल में जारी रूस-यूक्रेन जंग के बीच इस बयान से मॉस्को व नाटो में तनाव बढ़ गया है।

कलिनिनग्राद की सुरक्षा और नाटो सैन्य अभ्यासों पर पुतिन की चेतावनी

मॉस्को में 'वल्दाई डिस्कशन क्लब' को संबोधित करते हुए पुतिन ने अपनी नीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि रूस का किसी भी यूरोपीय देश पर हमला करने का इरादा नहीं है। लेकिन पश्चिमी आक्रामकता का जवाब देने के लिए रूसी सेना पूरी तरह तैयार है।

पुतिन ने पोलैंड और लिथुआनिया से घिरे रूसी इलाके कलिनिनग्राद का विशेष जिक्र किया। पुतिन की यह चेतावनी कलिनिनग्राद के पास नाटो के हालिया अभ्यासों के बाद आई है। सितंबर के अंत में मॉस्को ने कहा था कि हवाई या समुद्री घेराबंदी का कड़ा जवाब मिलेगा।

पुतिन अनुसार बाल्टिक सागर में रूसी जहाजों को रोकने की कोशिशें तनाव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि कलिनिनग्राद पर हमला होने पर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल तय है।

कलिनिनग्राद का रणनीतिक महत्व और रूस की कमजोरी व ताकत

कलिनिनग्राद बाल्टिक सागर के किनारे स्थित रूस का एक छोटा सा एक्सक्लेव इलाका है। यह रूसी मुख्य भूमि से अलग है और नाटो देशों पोलैंड व लिथुआनिया से घिरा है। मुख्य भूमि से दूर होना इसकी कमजोरी है, पर इसका रणनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है।

यह क्षेत्र साल के 365 दिन बर्फ से मुक्त रहता है, जहां रूसी नौसैनिक बेड़ा तैनात है। रणनीतिक रूप से कलिनिनग्राद रूस के लिए एक मजबूत सैन्य किले के समान है। यहां से रूस बर्लिन, वारसॉ, कोपेनहेगन व स्टॉकहोम जैसे शहरों को सेकंडों में निशाना बना सकता है।

इसी वजह से नाटो देश कलिनिनग्राद में रूस की सैन्य ताकत से आशंकित रहते हैं। दूसरी तरफ यूरोपीय देशों ने रूस पर साइबर हमले व तोड़-फोड़ जैसी हाइब्रिड वॉर का आरोप लगाया।

पांचवें साल में रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट और हाइब्रिड वॉरफेयर

रूस और यूक्रेन के बीच जारी यह युद्ध अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। पुतिन ने कड़ाके की ठंड से पहले कीव और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। जवाब में यूक्रेन ने भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले कर तबाही मचाई है।

ड्रोन हमलों से रूस के बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर कारों की लंबी लाइनें दिखी हैं। रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों ने रूस की युद्धकालीन अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा दिया है। रूस के बड़े ऑनलाइन रिटेलर्स पर हुए हमलों से आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।

नाटो अनुसार रूस पश्चिमी देशों के समर्थन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। एक घंटे में दो बार दी गई पुतिन की चेतावनी से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है।

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