Pulwama Terrorist: जम्मू-कश्मीर के आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'अल बद्र' (Al Badr) के प्रमुख कमांडरों में से एक, अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। हमजा 2019 में हुए पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था। वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। आतंकी अरजमंद मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला था, जो पिछले 7 सालों से पाकिस्तान में रह रहा था।
बता दे कि अरजमंद गुलजार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। गुलजार लगभग 7 साल पहले वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था, वहां जाकर उसने आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन कर लिया। बाद में वो संगठन का ऑपरेशनल कमांडर भी बन गया और पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चलाता था।
मालूम हो कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने गुलजार को लंबे समय से 'मोस्ट वांटेड' लिस्ट में रखा हुआ था। साल 2022 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार वह पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और दहशत के लिए फंडिंग जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
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लंबे वक्त से पुलवामा घाटी में आतंकी गतिविधियों का संवेदनशील केंद्र रहा है। इसी इलाके से कई बड़े आतंकी चेहरे भी सामने आए, जिनमें बुरहान वानी का नाम भी शामिल रहा, जिसने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित किया था। अरजमंद गुलजार को भी 'डिजिटल कट्टरपंथ' मॉडल का ही हिस्सा माना जाता है। इस तरह वो सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के जरिए युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाता था।