ढाका: बांग्लादेश में छाया राजनीतिक संकट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा होता जा रहा है तथा हालत नियंत्रण के बाहर है। आलम यह है कि प्रदर्शनकारी अब राष्ट्रपति जैसे गरिमायी पद का भी सम्मान नहीं कर रहे है, ऐसा इसलिए क्योकि कल रात इन प्रदर्शनकारियों ने ढाका में राष्ट्रपति आवास बंग भवन का घेराव किया
यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए तथा नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति भवन पहुंचे और बंग भवन का घेराव कर राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का इस्तीफा मांगने लगे। जिसके बाद पुरे ढाका शहर में गहमागहमी का माहौल बन गया तथा प्रदर्शनकारियों ने सड़के जाम कर दी, इसके बाद राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा भी खतरें में पड़ गई।
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बता दें कि बांग्लादेश पिछले कई महीनो से भयानक लोकतान्त्रिक त्रासदी झेल रहा है। पहले पीएम शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा और उसके बाद अब प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन का घेराव कर रहे है तथा मोहम्मद शहाबुद्दीन का इस्तीफा मांग रहे है। कुछ इसी तरह प्रदर्शनकारियों ने पीएम आवास भी घेरा था, जिसके बाद बांग्लादेश के हालात बिगड़ते चले गए और शेख हसीना को प्रधानमंत्री आवाज़ छोड़कर जाना पड़ा।
शेख हसीना के खिलाफ वारंट जारी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ ही भारत के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, बांग्लादेश की एक अदालत ने हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यही नहीं अदालत ने 18 नवंबर तक शेख हसीना को पेश होने आदेश दिया है। इस बात की जानकारी बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के मुख्य अभियोजक मोहम्मद तजुल इस्लाम ने साझा की थी। हसीना पर छात्र आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले कई छात्रों की हत्या का भी आरोप है। शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में मानवाधिकार हनन से जुड़े कई मामलों की जांच चल रही है।