PM Modi Prambanan Temple Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की अहम यात्रा के पहले चरण में दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया पहुंचे हैं। इंडोनेशिया दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी विशेष रूप से योग्याकर्ता शहर पहुंचे और वहां की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को बहुत ही करीब से देखा। यहां उन्होंने इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ प्रसिद्ध और ऐतिहासिक 9वीं सदी के प्रम्बानन मंदिर के दर्शन किए। इस दक्षिणपूर्व एशियाई देश में यह विशाल मंदिर हिंदू संस्कृति के 1100 साल से भी अधिक पुराने और गहरे ऐतिहासिक रिश्तों का सबसे बड़ा प्रतीक है।
इस खूबसूरत और बेहद प्राचीन मंदिर परिसर का दर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक शानदार वीडियो भी शेयर किया है। यह ऐतिहासिक स्थल भारत और इंडोनेशिया के बीच मौजूद लगभग 2 हजार साल से भी ज्यादा पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को पूरी तरह से दर्शाता है। इस्लाम धर्म के आगमन से पहले इस खूबसूरत देश में हिंदू और बौद्ध राजाओं का सैकड़ों सालों तक एक बहुत ही मजबूत और शक्तिशाली शासन रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां 1000 साल पुराने इस विशाल शिव मंदिर के महत्वपूर्ण जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत का भी एक बहुत ही बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान करेंगे।
प्रम्बानन मंदिर का ऐतिहासिक और भव्य निर्माण 9वीं सदी के मध्य में लगभग 850 ईस्वी में संजय राजवंश के महान राजा राकाई पिकातन के काल में हुआ था। यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा और पूरे दक्षिण पूर्व एशिया के सबसे विशाल हिंदू मंदिरों में से एक बहुत ही अहम और पवित्र धार्मिक स्थान माना जाता है। शुरुआत में इस पूरे विशाल मंदिर परिसर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 240 मंदिर मौजूद थे, जिनमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पवित्र त्रिमूर्ति सबसे प्रमुख है। यहां केंद्रीय मुख्य मंदिर के तौर पर भगवान शिव का सबसे ऊंचा मंदिर स्थापित है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर मापी गई है जो बहुत ही अद्भुत है।
इस ऐतिहासिक शिव मंदिर के अंदर महादेव के अलावा मां पार्वती, भगवान गणेश और महान महर्षि अगस्त्य की प्राचीन मूर्तियां भी बहुत ही सुरक्षित तरीके से रखी गई हैं। प्रम्बानन मंदिर की पुरानी और मजबूत दीवारों पर पत्थरों को बहुत ही खूबसूरती से तराशा गया है, जिनमें रामायण और भागवत पुराण की प्राचीन कहानी साफ-साफ दिखती है। मंदिर परिसर में बने एक बड़े ओपन एयर थिएटर में रामलीला की तरह ही बेहद लोकप्रिय नाटक 'प्रम्बनन रामायण बैले' का शानदार मंचन हमेशा किया जाता है। इस अद्भुत और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखने के लिए दुनिया भर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हर साल भारी उत्साह के साथ यहां आते हैं।
इंडोनेशिया एक बड़ा इस्लामिक देश होने के बावजूद अपनी इस अति प्राचीन और महत्वपूर्ण हिंदू विरासत को बहुत ही सहेज कर और सम्मान के साथ सुरक्षित रखे हुए है। इसी अहमियत को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1991 में यूनेस्को ने इस पूरे मंदिर परिसर को विश्व धरोहर स्थल के रूप में पूरी तरह से घोषित किया था।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस मंदिर परिसर में कुछ छोटे और बुरी तरह क्षतिग्रस्त मंदिरों के संरक्षण और उनके जीर्णोद्धार का बड़ा ऐलान करेंगे। यह महत्वपूर्ण काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और इंडोनेशियाई सरकार की तकनीकी टीम एक साथ मिलकर पूरी तरह से संयुक्त रूप से कर रही है।
यह भी पढ़ें: FTA के बाद पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा, प्रवासी भारतीयों में उत्साह; बोले- यह हमारे लिए गर्व का क्षण
इंडोनेशिया की कुल लगभग 27 करोड़ की भारी आबादी में 87 फीसदी यानी 24.2 करोड़ से ज्यादा लोग मुस्लिम धर्म को मानने वाले नागरिक हैं। वहीं पूरे देश में हिन्दू आबादी केवल 1.7 फीसदी है, जो संख्या के हिसाब से 45 लाख के आसपास ही पूरी तरह से सीमित होकर रह गई है।
हालांकि इंडोनेशिया के मशहूर पर्यटन स्थल बाली द्वीप में हिंदू आज भी बहुसंख्यक हैं, जहां की कुल आबादी में 85 फीसदी लोग केवल हिन्दू धर्म को मानते हैं। इंडोनेशिया का सामरिक रूप से अहम साबांग बंदरगाह भी भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह से सिर्फ 160 किमी की बहुत ही कम समुद्री दूरी पर स्थित है।