पोलैंड ने UNSC में भारत की दावेदारी का समर्थन किया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

भारत को मिले वीटो पावर...पोलैंड के इस बड़े बयान से UN में मची खलबली, चीन की छाती पर सांप लोटना तय

UNSC Elections 2027: पोलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का खुला समर्थन किया है और दोनों देश जल्द ही एक बड़े रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

अक्षय साहू

Poland Supports India UNSC Seat: भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 2028-29 के कार्यकाल के लिए अस्थायी सदस्य बनने का अभियान शुरू कर दिया है। भारत को UNSC की अस्थायी सदस्य बनने के लिए 128-129 देशों के समर्थन की जरूरत है। इसी बीच पोलैंड ने भारत का  पूरा समर्थन करने का ऐलान कर दिया है।  पोलैंड के विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट व्लादिस्लाव टेओफिल बार्टोस्जेव्स्की ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका देश लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर भारत का समर्थन कर रहा है और आगे भी भारत के साथ खड़ा रहेगा। भारत को अब तक अमेरिका, जापान, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों का समर्थन मिल चुका है।

सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने भारत

बार्टोस्जेव्स्की ने कहा कि पोलैंड चाहता है कि भारत सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बने। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि UNSC में बदलाव करना आसान नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि परिषद की संरचना में किसी भी बड़े बदलाव के लिए सभी मौजूदा स्थायी सदस्यों की सहमति जरूरी होती है। चूंकि हर स्थायी सदस्य के पास वीटो (Veto) का अधिकार है, इसलिए अगर कोई एक देश भी बदलाव का विरोध करता है तो सुधार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती। बार्टोस्जेव्स्की ने कहा कि कई देश UN का विस्तार चाहते हैं, लेकिन कुछ सदस्य मौजूदा व्यवस्था को ही बनाए रखना पसंद करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोलैंड भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का पूरा समर्थन करता रहेगा और इस दिशा में भारत के साथ सहयोग जारी रखेगा।

भारत और पोलैंड के मजबूत रिश्ते

भारत और पोलैंड के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। पोलिश मंत्री ने बताया कि दोनों देश गोपनीय या संवेदनशील रक्षा जानकारी के आदान-प्रदान के लिए एक समझौते पर काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस तरह का समझौता होने से दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग और आसान हो जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने पोलैंड के कई सैन्य उपकरणों और रक्षा प्लेटफॉर्म में रुचि दिखाई है। दोनों देश मिलकर इन उपकरणों के संयुक्त उत्पादन की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं। इसमें सैन्य उपकरणों के साथ-साथ ड्रोन और सैटेलाइट जैसे आधुनिक रक्षा सिस्टम का निर्माण भी शामिल हो सकता है।

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