POK में पाकिस्तानी सेना पर भड़का लोगों का गुस्सा, नवभारत डिजाइन फोटो  
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PoK में पाकिस्तान के खिलाफ 'आर-पार' की जंग? सेना के दमन और भुखमरी पर भड़का गुस्सा, आज बड़ा प्रदर्शन

PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आज पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। जनता सेना के अत्याचारों के खिलाफ सड़कों पर है।

अमन उपाध्याय

Pakistan PoK Protests News In Hindi: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लंबे समय से दबी नाराजगी अब एक बड़े जनांदोलन का रूप ले चुकी है। क्षेत्र में पाकिस्तानी सरकार और सेना की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आज, 5 जुलाई को एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।

स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बुनियादी अधिकारों की बहाली और सेना की दखलंदाजी बंद करने की मांग की है।

सेना की 'निर्मम हत्याओं' पर फूटा गुस्सा

हाल ही में रावलाकोट में आयोजित एक बड़ी जनसभा में वरिष्ठ अधिवक्ता मेहराह ख्वाजा ने पाकिस्तानी फौज पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सेना पर निर्दोष नागरिकों की 'निर्मम हत्या' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी कानून के तहत सेना को लोगों की जान लेने का हक नहीं है।

ख्वाजा ने पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व पर भी तीखा हमला किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में अक्षम है, तो उसे तत्काल सत्ता छोड़ देनी चाहिए।

विदेशी धरती से भी उठी विरोध की आवाज

PoK के हालातों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने के लिए अब वैश्विक स्तर पर भी अपील की जा रही है। मेहराह ख्वाजा ने ब्रिटेन समेत अन्य विदेशी देशों में रह रहे कश्मीरी प्रवासियों से एकजुट होकर प्रदर्शन करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने विशेष रूप से बर्मिंघम से लेकर लंदन तक रहने वाले कश्मीरियों को पाकिस्तान के अत्याचारों के विरुद्ध आवाज बुलंद करने को कहा है ताकि दुनिया को PoK की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।

शांतिपूर्ण विरोध करने की अपील

विरोध का एक मुख्य कारण क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का पाकिस्तान द्वारा निरंतर किया जा रहा दोहन है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान दशकों से PoK के संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन बदले में वहां की जनता को गरीबी और दमन के सिवा कुछ नहीं मिला। आज के प्रदर्शन के दौरान स्थानीय बाजारों को बंद रखने और सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की गई है।

JAAC ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। JAAC के प्रमुख सदस्य सरदार अमन खान ने बताया कि पिछले एक महीने से PoK में बुनियादी हक मांगने वालों पर सेना की कार्रवाई तेज हो गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने खाद्य आपूर्ति और आवश्यक दवाओं की आवाजाही को भी बाधित कर दिया है ताकि लोगों की आवाज को दबाया जा सके। JAAC ने स्पष्ट किया है कि उनका संघर्ष शांतिपूर्ण है और वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक नागरिकों के मूल अधिकारों की बहाली नहीं हो जाती।

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