ओटावा: कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर पर हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडा का बयान आया है। ट्रूडो ने साेशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि आज हुई हिंसा अस्वीकार्य है। साथ ही उन्होंने त्वरित जांच का आदेश दिया है।
ट्रूडो ने ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में आज हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है।समुदाय की सुरक्षा और इस घटना की जांच के लिए त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए पील क्षेत्रीय पुलिस को धन्यवाद।
ये भी पढ़ें:-Israel Syria War: इजरायल ने सीरिया में भी भेजे सैनिक, जमीनी हमला करके ईरान से जुड़े सीरियाई नागरिक को पकड़ा
एक्स पर पीएम ट्रूडो का पोस्ट
कनाडाई विपक्षी नेता पियरे पोलीवरे का बयान
कनाडा के ब्रैम्पटन में मंदिर पर हुए हमले की विपक्षी नेता पियरे पोलीवरे ने भी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंदू सभा मंदिर पर हमले पर कहा हिंसा देखना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। पियरे ने कहा आज ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर की गई हिंसा अस्वीकार्य है। भी कनाडाई लोगों को शांति से अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। रूढ़िवादी इस हिंसा की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। मैं अपने लोगों को एकजुट करूंगा और अराजकता को समाप्त करूंगा।
एक्स पर कनाडाई विपक्षी नेता पियरे पोलीवरे का पोस्ट
क्या है मामला
कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर परिसर में चरमपंथियों ने कनाडाई हिंदू भक्तों पर हमला किया। चरमपंथियों ने हिंदुओं के साथ मारपीट की। जिसका वीडियो सामने आया है। अब इस घटना की निंदी की जा रही है। कनाडा के भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने घटना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कनाडा के खालिस्तानी चरमपंथियों ने आज एक लाल रेखा पार कर ली है। ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के परिसर में हिंदू-कनाडाई भक्तों पर खालिस्तानियों द्वारा किया गया हमला दिखाता है कि कनाडा में खालिस्तानी हिंसक चरमपंथ कितना गहरा और बेशर्म हो गया है।
कनाडा के भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य पोस्ट
ये भी पढ़ें:-कनाडा में हिंदू सभा मंदिर में खालिस्तानियों का हमला, श्रद्धालुओं के साथ की मारपीट, वीडियो में कैद हुई घटना
भारतीय मूल के सांसद ने हमले ने हमले के खिलाफ उठाई आवाज
सांसद चंद्र आर्य ने पोस्ट में आगे कहा कि मुझे लगने लगा है कि इन रिपोर्टों में थोड़ी सच्चाई है कि कनाडा के राजनीतिक तंत्र के अलावा, खालिस्तानियों ने हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों में भी प्रभावी रूप से घुसपैठ कर ली है। कोई आश्चर्य नहीं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत खालिस्तानी चरमपंथियों को कनाडा में खुली छूट मिल रही है। जैसा कि मैं लंबे समय से कह रहा हूं, हिंदू-कनाडाई लोगों को अपने समुदाय की सुरक्षा और संरक्षा के लिए आगे आना चाहिए और अपने अधिकारों का दावा करना चाहिए और राजनेताओं को जवाबदेह बनाना चाहिए।