PM Modi Visit Afsluitdijk Dam Netherlands: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यूरोपीय यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचे हैं। इस दौरान रविवार को उन्होंने डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ नीदरलैंड के इंजीनियरिंग का प्रतीक माना जाने वाला विश्व प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक (Afsluitdijk) डैम का दौरा किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफ्सलाउटडाइक बांध सिर्फ एक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि आधुनिक इनोवेशन और विजन का प्रतीक है, जो समुद्री जल को नियंत्रित करने, बाढ़ से बचाने और मीठे पानी को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है। पीएम मोदी ने इस बांध का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग का एक 'चमत्कार' बताया।
दौरे के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में नीदरलैंड ने पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है। भारत, जो हर साल बाढ़ और सूखे जैसी दोहरी चुनौतियों का सामना करता है। उसके लिए नीदरलैंड का अनुभव अत्यंत मूल्यवान साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत अपनी सिंचाई प्रणाली को मजबूत करने, तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतर्देशीय जलमार्ग (Inland Waterways) नेटवर्क के विस्तार के लिए इस आधुनिक डच तकनीक को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस उच्च स्तरीय दौरे के दौरान भारत की एक महात्वाकांक्षी परियोजना, 'कल्पसर प्रोजेक्ट' पर भी विशेष चर्चा हुई। गुजरात में खंभात की खाड़ी के पास बनने वाले इस मीठे पानी के जलाशय और बांध का उद्देश्य सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है। चूंकि नीदरलैंड को समुद्र से जमीन छीनने और जल संग्रहण में महारत हासिल है, इसलिए कल्पसर परियोजना में डच सहयोग भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा उनके चार देशों के दौरे का हिस्सा है, जिसमें स्वीडन, नॉर्वे और इटली भी शामिल रहे हैं। भारत और नीदरलैंड के बीच जल तकनीक, समुद्री सहयोग और जलवायु लचीलेपन के क्षेत्र में पहले से ही गहरी साझेदारी है। अधिकारियों का मानना है कि इस दौरे से न केवल तकनीकी आदान-प्रदान बढ़ेगा, बल्कि भविष्य में दोनों देश टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संयुक्त परियोजनाओं पर भी काम करेंगे।