

PM Modi Sweden Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तीसरे दिन आज स्वीडन पहुंचेंगे। वो स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। इस दौरे (17-18 मई) से भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, इनोवेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में संबंधों के और गहरे होने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बातचीत का मकसद भारत-स्वीडन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करना और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशेंगे। दोनों देशों के बीच यह व्यापार अब 7.75 अरब डॉलर (2025) तक पहुंच गया है। साथ ही, भारत में स्वीडन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी 2.825 अरब डॉलर (2000–2025) तक पहुंच चुका है।
माना जा रहा है कि चर्चा का मुख्य केंद्र हरित परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उभरती टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, मजबूत सप्लाई चेन, रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष सहयोग, जलवायु कार्रवाई और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना होगा। स्वीडन को यूरोप की इनोवेशन-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। ऐसे में दोनों देश भविष्य के नजरिए से प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग का विस्तार करना चाहते हैं। इस दौरे का एक मुख्य आकर्षण 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन की भागीदारी को माना जा रहे है। यह व्यापार जगत के नेताओं का एक प्रमुख अखिल-यूरोपीय मंच है। दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर इस सभा को संबोधित करेंगे।
स्वीडन का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड्स के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के ठीक बाद हो रहा है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 2018 में पहली बार आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ही अपने डच समकक्ष रॉब जेटन के निमंत्रण पर नीदरलैंड का अपना दौरा पूरा किया था। यह प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड का दूसरा दौरा था।
16 मई को द हेग स्थित रॉयल पैलेस 'ह्यूस टेन बॉश' में राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा ने प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी की। यहां दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद प्रधानमंत्री के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन किया गया। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री जेटेन और पीएम मोदी ने बाद में सीमित और प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत की, जिसके बाद 16 मई की शाम को एक डिनर मीटिंग हुई।