PM Modi Meeting with Russian President Vladimir Putin: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों लीडर एक-दूसरे के गले मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन मुद्दे को लेकर भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन मुद्दे के समाधान के लिए किए जा रहे सभी शांतिपूर्ण प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।
वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के बीच मजबूत होते संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और इसमें प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी और ध्यान की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच पर्यटन का भी जिक्र हुआ। बताया गया कि 2025 में रूस और भारत के बीच पर्यटकों की आवाजाही में 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर उन्होंने कहा, "यूक्रेन के विषय पर भी हम चर्चा करते रहे हैं। पिछली बार भी जब हम मिले थे तो आपने विस्तार से मुझे जानकारी दी थी। भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और शांति के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्थन करता रहेगा। युद्ध में बिताया एक-एक दिन मानवता को पीछे धकेलता है और शांति की तरफ बढ़ाया गया एक-एक कदम नई आशा और उमंगों से भर देती है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने शांति की अपील करते हुए कहा कि हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध के अंत की दिशा में जाना ही होगा, जो मानवता की भलाई के लिए भी आवश्यक है। जल्द से जल्द सभी विषयों का शांतपूर्ण ढंग से समाधान हो, यही मानवता की पुकार और भारत का संदेश है। गांधी की धरती और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है शांति का मार्ग। आज इन सभी विषयों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत कुछ दिनों बाद ब्रिक्स समिट का आयोजन कर रहा है। सभी भारतवासी और भारतीय प्रतिनिधिमंडल आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। आपकी यात्रा से हमारे द्विपक्षीय संबंधों को भी बल मिलेगा और ब्रिक्स के अंतर्गत संवाद और सहयोग भी सशक्त होगा।
इससे पहले उन्होंने ईरान, किर्गिस्तान और अर्मेनिया के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात की। वे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से भी मिले। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है।
इस समिट की थीम 'शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर आगे बढ़ना' है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान सहित 10 सदस्य देशों के नेता भाग लेंगे।