पाकिस्तान में बिजली संकट (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

खाड़ी तनाव से Pakistan में भारी बिजली संकट, LNG सप्लाई ठप, 7 घंटे की कटौती

Pakistan LNG Supply Disruption: खाड़ी तनाव से पाकिस्तान में LNG सप्लाई ठप होने से बिजली संकट गहरा गया है। 3400 मेगावाट की कमी के कारण देश भर में 7 घंटे तक कटौती हो रही है।

प्रिया सिंह

Pakistan Electricity Supply Crisis: पाकिस्तान में इन दिनों एक बहुत ही बड़ा और गंभीर ऊर्जा संकट देखने को मिल रहा है। खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण वहां गैस की सप्लाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। इसके चलते देश के ज्यादातर एलएनजी आधारित पावर प्लांट्स ठप होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इस बड़े संकट ने एक बार फिर Pakistan के शहरों और गांवों को कई घंटों के लिए अंधेरे में धकेल दिया है।

बिजली की भारी कमी

Pakistan के ऊर्जा मंत्री ओवैस लेघारी ने खुद यह माना है कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति ने देश की गैस सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। गैस की सप्लाई में आई इस भारी रुकावट की वजह से देश में बिजली उत्पादन में बहुत ही बड़ी और चिंताजनक गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार देश इस समय करीब 3400 मेगावाट बिजली की भारी कमी का सामना कर रहा है जिससे आम जनता को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।

मांग और उत्पादन का अंतर

अप्रैल महीने की शुरुआत में Pakistan में बिजली की कुल मांग केवल 9000 मेगावाट के आसपास दर्ज की गई थी जो सामान्य मानी जाती है। लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर यह मांग अचानक बढ़कर 20000 मेगावाट के करीब पहुंच गई है जिसने सरकार की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ा दी हैं। हैरानी की बात यह है कि 6000 मेगावाट क्षमता वाले एलएनजी आधारित पावर प्लांट्स अभी केवल 500 मेगावाट बिजली ही बना पा रहे हैं।

लंबी कटौती से परेशानी

बिजली की इस भारी कमी को पूरा करने के लिए प्रशासन ने शहरों और गांवों में 6 से 7 घंटे की भारी कटौती शुरू कर दी है। बिजली की यह कमी और कटौती का सबसे बुरा हाल शाम के समय होता है जब पूरे देश में बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है। देर रात भी बिजली काटे जाने के कारण परेशान लोग सोशल मीडिया पर लगातार अपनी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा है।

महंगे ईंधन का इस्तेमाल

Pakistan की सरकार इस भारी कमी को पूरा करने के लिए फर्नेस ऑयल जैसे बहुत ही महंगे ईंधन का इस्तेमाल मजबूरी में कर रही है। लेकिन देश के सीमित संसाधनों की वजह से इस बिजली सप्लाई को पूरी तरह से बहाल करना अभी भी एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकारी इस कटौती को पीक रिलीफ स्ट्रैटेजी बता रहे हैं ताकि भविष्य में आम लोगों के लिए बिजली के दाम ज्यादा न बढ़ें।

2011 जैसे हालात

Pakistan के आम नागरिक और विशेषज्ञ इस मौजूदा बिजली संकट की तुलना साल 2011 के भयंकर बिजली संकट वाले दौर से कर रहे हैं। कम जल विद्युत उत्पादन और इस अचानक आए गैस संकट ने पाकिस्तान को एक बार फिर से लंबे समय के लिए अंधेरे की तरफ धकेल दिया है। खाड़ी के इस भू-राजनीतिक तनाव ने पाकिस्तान की ऊर्जा व्यवस्था की कमजोरी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है जिसका खमियाजा जनता भुगत रही है।

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