पाकिस्तान का झंडा (सोर्स- Freepik) 
विदेश

Pakistan के होंगे 16 टुकड़े? केंद्रीय मंत्री अब्दुल अलीम खान ने छोटे प्रांतों के लिए छेड़ा आंदोलन

Pakistan 16 Provinces: पाकिस्तान के मंत्री अब्दुल अलीम खान ने देश को 4 के बजाय 16 प्रांतों में बांटने की मांग की है। उन्होंने प्रशासनिक सुधार और सुविधाओं के लिए नए आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया है।

प्रिया सिंह

Minister Abdul Aleem Khan Pakistan 16 provinces proposal: पाकिस्तान में गहराते आर्थिक संकट और प्रशासनिक विफलताओं के बीच अब देश के भीतर से ही इसे कई हिस्सों में बांटने की मांग उठने लगी है। इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अब्दुल अलीम खान ने देश को वर्तमान चार प्रांतों के बजाय 16 छोटे प्रांतों में विभाजित करने का एक बड़ा प्रस्ताव रखा है।

उनका तर्क है कि विशाल प्रांतों के कारण आम जनता तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं और शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इस मांग ने न केवल पाकिस्तान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है बल्कि बलूचिस्तान और सिंध जैसे अशांत क्षेत्रों में अलगाववाद की बहस को एक नया मोड़ दे दिया है।

प्रशासनिक सुधार का तर्क

केंद्रीय मंत्री अब्दुल अलीम खान का मानना है कि पाकिस्तान की मौजूदा समस्याओं का एकमात्र समाधान छोटे प्रशासनिक क्षेत्र बनाना है। उन्होंने कामोके में एक सम्मेलन के दौरान कहा कि 16 प्रांतों के गठन से लोगों को अपने काम के लिए दूर नहीं जाना होगा। यह कदम जनता के दरवाजे तक सेवाएं पहुंचाने और सरकारी भ्रष्टाचार को कम करने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभा सकता है।

पंजाब का चार विभाजन

मंत्री ने प्रस्ताव दिया कि पंजाब जैसे विशाल आबादी वाले प्रांत को उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम पंजाब जैसे चार अलग हिस्सों में बांटना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रांतों के मूल नाम नहीं बदले जाएंगे बल्कि उनकी सीमाओं को प्रशासनिक सुगमता के लिए छोटा किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपनी संकीर्ण सोच त्यागने और राष्ट्रीय हित में एकजुट होने की अपील की है।

बलूचिस्तान और अन्य क्षेत्र

अब्दुल अलीम खान के अनुसार केवल पंजाब ही नहीं बल्कि सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को भी चार-चार नए प्रांतों में विभाजित किया जाना चाहिए। बलूचिस्तान का क्षेत्रफल बहुत विशाल है और वहां दशकों से जारी हिंसा और अलगाववाद को रोकने के लिए छोटे प्रांत प्रभावी हो सकते हैं। छोटे प्रशासनिक क्षेत्रों से स्थानीय समुदायों को बजट में उनका जायज हिस्सा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

राजनीतिक दलों का रुख

इस प्रस्ताव को MQM जैसे दलों का समर्थन मिला है जो लंबे समय से कराची को अलग प्रांत बनाने की वकालत करते रहे हैं। इससे पहले सीनेट के उपसभापति मिर्जा मोहम्मद अफरीदी ने भी पाकिस्तान को नौ प्रांतों में बांटने का सुझाव दिया था। छोटे प्रांतों की इस बढ़ती मांग से स्पष्ट है कि पाकिस्तान का मौजूदा ढांचा अपनी ही जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा है।

आंदोलन की नई शुरुआत

अब्दुल अलीम खान की पार्टी ने इन 16 प्रांतों के गठन की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। उनका मानना है कि जब तक प्रांत छोटे नहीं होंगे तब तक दूर-दराज के इलाकों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान की संसद इस ऐतिहासिक विभाजन और प्रशासनिक पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकार करती है।

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