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न घर के अंदर सुरक्षित न बाहर! कराची में 3 दिन से जारी 'रैंडम फायरिंग' ने उड़ाया चैन, अब तक 9 लोग घायल

Pakistan Karachi Random Firing: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में पिछले तीन दिनों से हो रही बेतरतीब फायरिंग ने कोहराम मचा रखा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक 9 लोग घायल हुए हैं।

अमन उपाध्याय

Pakistan Karachi Random Firing News In Hindi: पाकिस्तान का आर्थिक केंद्र और सबसे बड़ा शहर कराची इन दिनों एक अदृश्य खौफ के साये में जी रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पिछले 3 दिनों के भीतर हुई अंधाधुंध और बेतरतीब फायरिंग की घटनाओं ने आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। इन घटनाओं में अब तक कम से कम 9 लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि स्थानीय लोग अब न तो सड़कों पर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और न ही अपने घरों की चारदीवारी के भीतर।

फायरिंग के शिकार हुए बच्चे

पाकिस्तान में  इन हिंसक घटनाओं की सबसे चिंताजनक बात यह है कि हमलावर किसी खास वर्ग या उम्र को निशाना नहीं बना रहे हैं बल्कि गोलियां बेतरतीब ढंग से चल रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चाकीवाड़ा में बस स्टॉप के पास 12 साल के मासूम मुजम्मिल को गोली लगी, जबकि पापोश नगर में 74 साल के बुजुर्ग नसीर भी इस हिंसा का शिकार होकर घायल हो गए। महिलाओं की स्थिति भी अलग नहीं है लियाकताबाद में 52 साल की जमीला बेगम और ओरंगी टाउन में 39 साल की नजमा को भी गोलियों ने अपना निशाना बनाया।

कई लोग गंभीर रूप से घायल

फायरिंग की इन घटनाओं में सबसे दुखद मामला 22 वर्षीय अयान का है जिसे कोरंगी 5 के पास गाउस पाक रोड पर सीने में गोली लगी। अयान की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है और उसे तत्काल रेस्क्यू टीम द्वारा जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया। इसके अलावा, बालदिया में 45 साल की शेरीना, नॉर्थ कराची में 27 साल के बिलाल अहमद और गाबोल टाउन में 30 साल के मुर्तजा भी इन अज्ञात गोलियों की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच गए हैं।

पुलिस की नाकामी

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया ने बताया कि जहां एक ओर पुलिस शहर में कुल अपराध दर कम होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर इन बेतरतीब गोलियों ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इन मामलों की जांच कर रहे हैं लेकिन गोलियां कहां से और किसने चलाईं, इसका पता लगाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अधिकांश मामलों में गोलियां अज्ञात स्थानों से चली हैं जिससे दोषियों को पकड़ना लगभग असंभव हो रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ भारी गुस्सा व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी और खतरनाक कमी को दर्शाती है।

शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए और जवाबदेही तय नहीं की तो आने वाले समय में कराची की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती है। फिलहाल, 4 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच हुई इन घटनाओं ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है।

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