Pakistan Energy Rationing Iran War Impact: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य संघर्ष की आंच अब पाकिस्तान के घरों तक पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में आए व्यवधान और ईंधन की आसमान छूती कीमतों के कारण पाकिस्तान सरकार ने पूरे देश में बिजली की भारी कटौती और 'एनर्जी राशनिंग' लागू करने का फैसला किया है। इस निर्णय का उद्देश्य देश के सीमित विदेशी मुद्रा भंडार को महंगे ईंधन आयात से बचाना है।
पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में हर शाम ऊर्जा की खपत चरम (Peak Hours) पर रहने के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शाम 5:00 बजे से लेकर रात 1:00 बजे के बीच लगभग दो घंटे पंद्रह मिनट के लिए बिजली कटौती की जाएगी। यह कटौती चरणबद्ध तरीके से लागू होगी ताकि पूरे देश में एक साथ ब्लैकआउट न हो, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर बिजली गुल रहे।
सरकार का कहना है कि यह कठिन निर्णय मजबूरन लेना पड़ा है। वर्तमान में देश में जलविद्युत (Hydropower) उत्पादन कम हो गया है, जिसकी भरपाई के लिए पाकिस्तान को महंगी भट्टी-तेल (Furnace Oil) आधारित बिजली पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस कटौती का मुख्य उद्देश्य बिजली के शुल्कों में होने वाली तीव्र वृद्धि को रोकना और महंगे विदेशी ईंधन के उपयोग को कम करना है। हालांकि, कराची और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों को इस कटौती से फिलहाल छूट दी गई है क्योंकि वहां अपेक्षाकृत सस्ते बिजली उत्पादन स्रोत उपलब्ध हैं।
पाकिस्तान की इस बदहाली के पीछे मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बाधित करने के बाद दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा प्रभावित हुआ है। ऊर्जा आयात के लिए इस मार्ग पर अत्यधिक निर्भर रहने वाला पाकिस्तान इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। हालांकि इस्लामाबाद ने कुछ ईंधन शिपमेंट सुरक्षित किए हैं लेकिन वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण अब उसे इसके लिए बहुत अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उन विकासशील देशों पर बढ़ते आर्थिक दबाव का संकेत है जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव ने न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को तोड़ा है बल्कि पाकिस्तान जैसे देशों की अर्थव्यवस्था को भी अस्थिर कर दिया है। यदि युद्ध लंबा खींचता है तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान को और भी कड़े प्रतिबंधों और लंबी बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।