Asim Munir Anti-India Statement: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है, बावजूद इसके वह भारत के खिलाफ और क्षेत्रीय मोर्चों पर सक्रिय रहता है। देश न केवल भारत के खिलाफ साजिशों में उलझा है, बल्कि अफगानिस्तान के साथ भी संघर्ष जारी है। पाकिस्तानी नेताओं और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका इस बिगड़ती स्थिति में अहम मानी जाती है।
हाल ही में पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर विवादित बयान देकर देश में कट्टरता बढ़ाने का आरोप झेलने का मौका दिया। मुनीर ने नवाज शरीफ के नाती और मरियम नवाज के बेटे, जुनैद सफदर के वलीमे में शिरकत करते हुए लाहौर में जनसभा को संबोधित किया। जहां उन्होंने एक बार फिर धर्म के नाम पर जहर उलगा। लेकिन अब इसे लेकर उन्हें उनके ही देश में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मुनीर ने कहा कि, पाकिस्तान को इस्लाम के नाम पर बनाया गया और वह अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। दुनिया पाकिस्तान को एक इस्लामिक देश के रूप में महत्व दे रही है। हम अल्लाह के करम से आगे बढ़ रहे हैं और मकसद में कामयाब होंगे। उनके इस बयान ने देश में विरोध और आलोचना की लहर पैदा कर दी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि मुनीर अपनी सैन्य जिम्मेदारी छोड़कर मौलवियों जैसी धार्मिक तकरीरें दे रहे हैं, जो युवाओं में कट्टरता को बढ़ावा देती हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले बयान दिए हैं। 17 अप्रैल, 2025 को उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान हिंदुओं से अलग है और कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है।
वहीं पाकिस्तान-अगानिस्तान सीमा पर तनाव भी लगातार बना हुआ है। 19 जनवरी को चमन बॉर्डर पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प हुई। पहले किला सैफुल्लाह सेक्टर में गोलीबारी हुई, इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन से अफगान सेना पर हमला किया। हालांकि इस घटना पर दोनों देशों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
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इस तरह पाकिस्तान आर्थिक संकट, आंतरिक आलोचना और सीमाई संघर्षों के बीच उलझा हुआ है। सेना और नेताओं की कट्टरवादी नीतियों ने स्थिति और जटिल कर दी है। ऐसे माहौल में देश के युवाओं को भड़काने वाले बयान सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।