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दो सुसाइड बॉम्बर्स आए और खुद को उड़ा दिया! पाक हमले की तहरीक-ए-तालिबान ने ली जिम्मेदारी, 3 आतंकी ढेर

Pakistan के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके पेशावर शहर में सोमवार सुबह फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी (FC) मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। घटना के तुरंत बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

प्रतीक पाण्डेय

Pakistan Blast: पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके पेशावर शहर में सोमवार सुबह फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी (FC) मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। दो आत्मघाती हमलावरों समेत सशस्त्र बंदूकधारियों ने परिसर पर धावा बोल दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकियों को मार गिराया, लेकिन 3 सुरक्षाकर्मियों की भी मौत की पुष्टि हुई है।

पाकिस्तान के पेशावर शहर में सोमवार सुबह लगभग 8:10 बजे फेडरल कॉन्स्टेबलरी (FC) मुख्यालय पर हमला हुआ। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सशस्त्र बंदूकधारियों ने पैरामिलिट्री फोर्स-फ्रंटियर कॉन्स्टैबुलरी (FC)-के मुख्यालय पर धावा बोल दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावर हथियारबंद थे और उन्होंने मुख्य गेट से प्रवेश की कोशिश करते हुए सुरक्षा बलों पर गोलियां बरसाईं। हमले में दो आत्मघाती हमलावर भी शामिल थे जिन्होंने परिसर के अंदर खुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया। एक आत्मघाती हमलावर ने मुख्यालय के गेट पर खुद को उड़ाया, जिससे बड़ा धमाका हुआ। इस अचानक हुई फायरिंग और धमाके से पूरा परिसर दहशत में आ गया।

3 जवान मरे, TTP ने ली जिम्मेदारी

स्थानीय पुलिस और FC जवानों ने तुरंत कार्रवाई की। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और पूरे क्षेत्र को कोर्डन ऑफ कर दिया गया, जिसमें सुनहरी मस्जिद रोड को बंद कर दिया गया। जवाबी ऑपरेशन में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया।

हालांकि, इस हमले में अब तक तीन लोगों की मौत (सुरक्षाकर्मी) की पुष्टि हुई है। कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने तेज आवाज में दो धमाके सुनने का दावा किया था। इस घटना के तुरंत बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि शुरुआती शक TTP और उसके सहयोगी नेटवर्क पर ही जा रहा था।

FC क्यों है आतंकियों का मुख्य निशाना?

फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी (FC) पाकिस्तान की एक प्रमुख पैरामिलिट्री फोर्स है। यह बल पाकिस्तान की सीमा सुरक्षा और एंटी-टेरर ऑपरेशन के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। FC खैबर पख्तूनख्वा और अफगान सीमा इलाकों में सक्रिय है। कई बड़े आतंकवादियों को पकड़ने और ऑपरेशन चलाने में इसकी बड़ी भूमिका रही है, जिसके कारण आतंकवादी संगठन इस फोर्स को अक्सर निशाना बनाते रहे हैं।

पेशावर शहर भी अफगान सीमा के बेहद नजदीक होने के कारण पाकिस्तान के सबसे ज्यादा संवेदनशील शहरों में शामिल है, जहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की मौजूदगी दर्ज की गई है। खैबर पख्तूनख्वा (KP) में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, खासकर नवंबर 2022 में TTP द्वारा शांति समझौता खत्म करने के बाद से। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का जवाबी ऑपरेशन जारी है।

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