Balochistan Drone Attack Kech District: बलूचिस्तान के केच जिले में दर्दनाक घटना सामने आई है। तुम्प इलाके के बालिचा में पिकनिक मनाने गए निर्दोष युवकों पर हवाई हमला हुआ। पाकिस्तानी सेना के इस ड्रोन हमले में चार युवकों की मौत हो गई व दो घायल हो गए।
स्थानीय मीडिया ने शनिवार को इस घटना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की। हमले में मारे गए चार में से तीन युवक एक ही परिवार के चचेरे भाई थे। इस कायराना वारदात के बाद पूरे बलूचिस्तान क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
द बलूचिस्तान पोस्ट ने पारिवारिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है। बालिचा निवासी छह युवक शुक्रवार दोपहर पास के पहाड़ों पर पिकनिक गए थे। जब युवक पहाड़ों में पिकनिक मना रहे थे, तभी अचानक ड्रोन हमला हुआ। हमले में चार युवकों की मौके पर मौत हो गई और दो गंभीर घायल हो गए।
मृतकों की पहचान यासिर, जुबैर, समीर और दीदाग के रूप में हुई है। इनमें से तीन युवक एक ही परिवार के चचेरे भाई थे। एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से बालिचा में मातम छा गया। परिजनों व स्थानीय निवासियों ने हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि चारों मृतक संदिग्ध आतंकवादी थे। सेना ने मौके से हथियार व गोला-बारूद बरामद होने की बात कही। लेकिन परिजनों व निवासियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित पूरी तरह निहत्थे थे और पिकनिक मनाने गए थे।
स्थानीय लोगों ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने की पुरजोर मांग की है। बालिचा हमला बलूचिस्तान में जारी हवाई हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। इन सैन्य हमलों में लगातार आम बलूच नागरिक हताहत हो रहे हैं। स्थानीय लोग इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों से खौफ में जी रहे हैं।
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने इस क्रूरता की कड़े शब्दों में निंदा की। BYC ने कहा कि पिकनिक किसी भी कानून में सैन्य लक्ष्य नहीं हो सकती। नागरिकों पर हमला करना मानवीय शालीनता व नियमों का घोर उल्लंघन है। सेना नागरिकों की जानकारी लेकर उसे किल लिस्ट में बदल रही है।
BYC के अनुसार बलूच जीवन को राज्य की दया पर निर्भर कर दिया है। तुम्प, पंजगुर व मस्तुंग में बलूच नागरिक बार-बार शिकार बनाए जा रहे हैं। आज्ञाकारिता भी अब नागरिकों की जान बचाने में पूरी तरह नाकाम है। बलूच समुदाय अपनी सुरक्षा को लेकर अत्यंत चिंतित और आक्रोशित है।
BYC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन ने UN व मानवाधिकार निकायों से चुप्पी तोड़ने को कहा। उन्होंने बालिचा हमले की स्वतंत्र मानवाधिकार जांच की मांग उठाई। पाकिस्तानी हवाई हमलों पर वैश्विक समुदाय को संज्ञान लेना होगा।
स्थानीय संगठनों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव बिना हत्याएं नहीं रुकेंगी। अगर मानवाधिकार संस्थाएं कदम नहीं उठातीं तो ऐसी त्रासदी दोहराई जाएगी। पीड़ित परिवार अब अंतरराष्ट्रीय मंचों से न्याय मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। बलूचिस्तान में शांति के लिए नागरिक हत्याओं पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।