टीटीपी के बढ़ते हमलों के पाकिस्तानी सेना परेशान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

'बात नहीं मानी तो...',TTP के हमलों से बौखलाई मुनीर की फौज, अपने ही नेताओं को देने लगे धमकी

TTP on Khyber Pakhtunkhwa:पाकिस्तानी सेना टीटीपी के बढ़ते हमलों से खैबर पख्तूनख्वा में बौखलाई है। पीटीएम नेताओं ने दबाव के बावजूद इसे पाकिस्तान का हिस्सा मानने से इनकार किया, जिससे सेना की चिंता बढ़ी।

अक्षय साहू

Pakistan Army on Khyber Pakhtunkhwa: खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बढ़ते हमलों से पाकिस्तानी सेना की हालत खराब हो गई है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सेना ने राजनीतिक दलों को फरमान जारी किया है कि वो अपने भाषणों में खैबर पख्तूनख्वा को पाकिस्तान का हिस्सा बताएं। कुछ दलों ने यह आदेश मान लिया है, लेकिन पश्तून तहफ़्फ़ुज आंदोलन (PTM) ने इसे मानने से इनकार कर दिया है।

जेल में बंद जेल में बंद नेताओं ने भारी दबाव और रिहाई के लालच के बावजूद ऐसा करने से मना कर दिया। पीटीएम नेताओं के इनकार के बाद पाकिस्तानी सेना ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। कई सदस्यों के बैंक खाते जब्त कर लिए गए और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।

डरी हुई है पाकिस्तानी सेना

सेना को डर है कि कहीं खैबर पख्तूनख्वा उनके हाथ से निकल न जाए, क्योंकि तालिबान लंबे समय से इस इलाके पर अपना दावा करता आ रहा है। इस समय टीटीपी इस सूबे के कई इलाकों पर कब्जा किए हुए है, जहां पाकिस्तानी सेना के लिए जाना मुश्किल हो गया है। दरअसल, तालिबान अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की डूरंड रेखा को नहीं मानता। पाकिस्तान के कई बड़े नेता, जैसे इमरान खान, भी इस रेखा को काल्पनिक सीमा बता चुके हैं और इसे दोनों देशों के बीच की आधिकारिक सीमा नहीं मानते। खैबर पख्तूनख्वा इसी विवादित डूरंड लाइन पर स्थित है, जिसे 1893 में अफगानिस्तान के राजा अमीर अब्दुर रहमान खान और ब्रिटिश राजदूत सर मोर्टिमर डूरंड के बीच हुए समझौते से तय किया गया था

2,640 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा

हाल ही में, अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार के रक्षा मंत्री ने कतर में कहा कि डूरंड रेखा का भविष्य सीमा के दोनों तरफ रहने वाले लोगों को तय करना चाहिए। यह रेखा लगभग 2,640 किलोमीटर लंबी है, जो चित्राल के पास बदख्शां और वाखान से शुरू होकर बलूचिस्तान तक जाती है।

यह रेखा अफगानिस्तान के कुनार, नूरिस्तान, नंगरहार, पक्तिया और पक्तिका को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और वजीरिस्तान से अलग करती है। साथ ही, यह कुर्रम, बन्नू और क्वेटा को अफगानिस्तान के जाबुल और कंधार से अलग करती है। लेकिन, दोनों तरफ के लोग इस विभाजन को आज तक पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाए हैं।

सेवा संकल्प अभियान यात्रियों से पीएम मोदी की बातचीत, अनुभव सुनकर कहा- मैं भी आपके साथ-साथ चल रहा हूं

ग्रेटर नोएडा बस हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिवारों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की मदद का ऐलान

वडनगर से वाराणसी तक की 'सेवा यात्रा' में शामिल लोगों से पीएम मोदी करेंगे बात, यात्री अपना अनुभव करेंगे साझा

Weather Alert: डीप डिप्रेशन का बड़ा असर, 4 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट; कई जिलों में बाढ़ का खतरा

AI बॉस की बड़ी चेतावनी! सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई बोले- AI इंसानियत के लिए खतरा बन सकता है