Nithya Raman Los Angeles Mayor Election: अमेरिका की राजनीति में भारतवंशी नित्या रमन का नाम इस समय काफी ज्यादा मशहूर हो रहा है। वह लॉस एंजिल्स में होने वाले मेयर चुनाव में एक बेहद मजबूत उम्मीदवार के रूप में उभरी हैं। भले ही उन्होंने देरी से चुनाव में उतरने का फैसला किया लेकिन उनकी लोकप्रियता लगातार और बहुत तेजी से बढ़ रही है।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से उनकी तुलना आजकल हर जगह की जा रही है। इन दोनों नेताओं की राजनीति, विचार और विकास के मुद्दे एक दूसरे से बहुत ज्यादा मिलते हैं। पूरे अमेरिका में उनकी चर्चा एक प्रमुख और लोकप्रिय नेता के रूप में लगातार हो रही है जिससे उनके जीतने की प्रबल संभावना है।
नित्या रमन का जन्म भारत के खूबसूरत राज्य केरल में 28 जुलाई 1981 को हुआ था। जब वह 6 वर्ष की थी तब उनका पूरा परिवार अमेरिका जाकर बस गया था। इसके काफी समय बाद 22 साल की उम्र में उन्हें आधिकारिक रूप से अमेरिका की नागरिकता भी मिल गई थी। उन्होंने अपनी अंडरग्रैजुएट की पढ़ाई प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने एमआईटी से अर्बन प्लानिंग में मास्टर्स की डिग्री भी हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह समाज सेवा और राजनीति के महत्वपूर्ण क्षेत्र में बहुत ज्यादा सक्रिय हो गईं।
राजनीति में आने से पहले नित्या एक सक्रिय एक्टिविस्ट के रूप में अपनी पहचान बना चुकी थीं। उन्होंने विशेष रूप से बेघर लोगों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए काफी काम किया है। उनका यह सामाजिक काम लोगों के बीच उन्हें एक बहुत ही संवेदनशील और मजबूत नेता बनाता है। वह मुख्य रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी से गहराई से जुड़ी हुई हैं और लगातार काम कर रही हैं। सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को लॉस एंजिल्स की आम जनता काफी ज्यादा पसंद कर रही है। यही कारण है कि उनकी राजनीतिक पकड़ अब बहुत ज्यादा मजबूत हो चुकी है और लोग उन्हें समर्थन दे रहे हैं।
साल 2020 में नित्या ने लॉस एंजिल्स के सिटी काउंसिल डिस्ट्रिक्ट-4 से शानदार जीत दर्ज की थी। वह इस काउंसिल की पहली दक्षिण एशियाई और एशियाई-अमेरिकी महिला अध्यक्ष बनकर इतिहास रच चुकी हैं। साल 2024 में भी जनता ने उन्हें इसी महत्वपूर्ण पद पर एक बार फिर से चुन लिया था।
फरवरी 2026 में उन्होंने खुद मेयर का सबसे बड़ा चुनाव लड़ने का अहम फैसला किया। वह पहले मेयर करेन बास का समर्थन कर रही थी। लेकिन अब खुद उनके खिलाफ डटकर खड़ी हैं। कई चुनाव पोल्स में नित्या को अपने मजबूत विरोधियों से भी काफी ज्यादा आगे दिखाया जा रहा है।
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ममदानी और नित्या दोनों ही डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ऑफ़ अमेरिका से काफी समय से जुड़े हुए हैं। ममदानी की जड़ें भारत में गुजरात से जुड़ी हैं और नित्या का सीधा संबंध केरल राज्य से है। इन दोनों नेताओं का भारत से जुड़ा होना अमेरिकी मीडिया में चर्चा का एक बहुत ही बड़ा विषय बना हुआ है।
ममदानी न्यूयॉर्क के डीएसए के समर्थन वाले उम्मीदवार के रूप में मेयर की कुर्सी तक पहुंचे थे। इसी तरह नित्या भी लॉस एंजिल्स में डीएसए की एक बहुत ही सफल उम्मीदवार रही हैं। दोनों की राजनीतिक नीतियां वामपंथी विचारधारा और बुनियादी विकास पर पूरी तरह से मजबूती से आधारित हैं।