Netanyahu in UNGA: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान भारी विरोध का सामना करना पड़ा। नेतन्याहू ने शुक्रवार को महासभा को संबोधित किया, लेकिन इस दौरान हॉल में मौजूद अधिकांश देशों ने गाजा में इजरायली सेना द्वारा किए जा रहे सैन्य अभियान का विरोध जताते हुए वॉकआउट करने का फैसला किया और हॉल छोड़कर बाहर चले गए।
अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने हमास पर जमकर हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल का मकसद फिलिस्तीनी संगठन हमास को पूरी तरह समाप्त करना है। साथ ही, उन्होंने ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों पर भी तीखा हमला बोला।
नेतन्याहू जैसे ही भाषण देने मंच पर पहुंचे, महासभा हॉल में अचानक हलचल शुरू हो गई। भाषण की शुरुआत होते ही कई देशों के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से हॉल छोड़ दिया। हॉल लगभग खाली रह गया और नेतन्याहू को गिने-चुने प्रतिनिधियों के सामने भाषण देना पड़ा। हालांकि, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और कुछ अन्य देशों के प्रतिनिधि हॉल में मौजूद रहे।
अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने एक नक्शा दिखाकर यह बताया कि कैसे इजरायल हमास के अत्याचारों का शिकार है। उन्होंने इस नक्शे को "द कर्स" (अभिशाप) का नाम दिया। इसके जरिए उन्होंने हमास, ईरान और हूती विद्रोहियों को निशाना बनाया। उन्होंने उन देशों की भी आलोचना की जिन्होंने हाल ही में फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है।
नेतन्याहू ने अपने भाषण में फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा देने के कदम को "पागलपन" बताया और कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन समेत अन्य देशों की ओर से फिलिस्तीन को मान्यता दिए जाने पर नाराज़गी जताई। इजरायल का मानना है कि यह निर्णय आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
हालांकि, उन्होंने अपने भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें इजरायल का मजबूत सहयोगी बताया। गाजा में अक्टूबर 2023 से जारी इजरायली हमलों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसके कारण गाजा में मानवीय संकट गहरा गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इजरायल की आलोचना बढ़ी है। इस माहौल में नेतन्याहू को बढ़ते राजनयिक अलगाव का सामना करना पड़ रहा है।