Netanyahu on Iran War: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति को गरमा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टालने की बात कर रहे हों, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने अभियान को रोकने के मूड में नहीं है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में ट्रंप से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका की सैन्य उपलब्धियों का उपयोग कर एक ऐसा समझौता संभव है, जिससे युद्ध के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके और दोनों देशों के हित सुरक्षित रहें।
नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल ईरान और लेबनान के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही लेबनान में सक्रिय हिज्बुल्लाह संगठन पर भी लगातार हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में इजरायल ने ईरान के दो और परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराया है और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। उनके अनुसार, इजरायल किसी भी स्थिति में अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है और ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले को अस्थायी रूप से टाल दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के एक सम्मानित नेता के साथ बातचीत कर रहा है। प्रस्तावित समझौते में ईरान की परमाणु क्षमता को समाप्त करना शामिल हो सकता है, जिसके तहत अमेरिका को ईरान के समृद्ध यूरेनियम तक पहुंच मिल सकती है।
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हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि अमेरिका दबाव में पीछे हट रहा है और झूठी खबरों के जरिए वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच तेल और शेयर बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।