Rasuwa Student Search Operation Nepal: नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश से हालात बेहद खराब बने हुए हैं। राहत और बचाव कार्य के बीच नुवाकोट जिले के बेत्रावती गांव से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां बाढ़ के मलबे में दबे एक घर से 23 शव बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें से 21 शव एक कमरे के अंदर और दो शव घर के बाहर मिले।
नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक बिपिन रेग्मी ने बताया कि बरामद शवों में एक विदेशी नागरिक का शव भी होने की आशंका है। घर से कुछ बैग भी मिले हैं। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि मृतक तीर्थयात्री थे, जो गोसाईंकुंड जा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद लोग खुद को बचाने के लिए घर की ऊपरी मंजिल की ओर चले गए होंगे। सभी लोग छत के ठीक नीचे बने कमरे में जमा हो गए, लेकिन तेज बहाव के साथ आए मलबे ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
बरामद शवों में एक महिला का शव भी मिला, जिसने एक छोटी बच्ची को अपनी बाहों में कसकर पकड़ रखा था। आशंका है कि दोनों मां-बेटी थीं। घर से मिले 23 शवों में से आठ को त्रिशूली अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि बाकी शवों को भी जल्द वहां पहुंचाने की तैयारी है।
नेपाल में बाढ़ की तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों की संख्या 962 तक पहुंच गई है, जबकि 4 हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। रसुवा जिले के उत्तरगया गांव में करीब 350 छात्र भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना में लगातार छठे दिन भी बचाव अभियान नहीं चलाया जा सका। परियोजना में काम कर रहे करीब 40 से 42 इंजीनियरों का अब तक पता नहीं चल पाया है। वहीं, त्रिशूली-3बी परियोजना के 118 कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो सका है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान में भारतीय दल भी पूरी ताकत से जुटा हुआ है। भारतीय विशेषज्ञों की टीम नेपाल सेना के साथ मिलकर मुश्किल मौसम और खराब रास्तों के बावजूद लोगों की तलाश कर रही है।
रसुवा जिले के चिलिमे और लांगटांग में सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने के प्रयासों में भारतीय बचाव दल को शुरुआती सफलता भी मिली है। नेपाल में जारी इस भीषण आपदा के बीच बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब मलबे में दबे लोगों को तलाशना और लापता लोगों तक पहुंचना है।