नेपाल की बाढ़ में अड़िग खड़ा रहा फिरोजी मकान (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

नेपाल की प्रलयंकारी बाढ़ में अड़िग खड़ा रहा फिरोजी मकान, इंजीनियरिंग देखकर हैरान हुए लोग

Turquoise House Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान रसुवा जिले का एक अकेला फिरोजी मकान सैलाब के बीच अड़िग खड़ा रहा, जिसे देख लोग नेपाली इंजीनियर के लिए मेडल की मांग कर रहे हैं।

प्रिया सिंह

Turquoise House Nepal Flood: नेपाल में चीन और तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के बीच एक चमत्कारी घटना सामने आई है। यहां भोटे कोशी नदी के किनारे बसा पूरा गांव सैलाब में बह गया, लेकिन एक दो मंजिला फिरोजी मकान मजबूती से खड़ा रहा।

इस अद्भुत घटना का दो मिनट का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस मजबूत घर को देखकर आम जनता से लेकर बड़े-बड़े आर्किटेक्ट और इंजीनियरिंग एक्सपर्ट्स भी हैरान और अचंभित हैं।

बाढ़ में फिरोजी मकान की मजबूती और सोशल मीडिया पर धूम

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चारों तरफ मलबे, कीचड़ और मटमैले पानी का बहुत तेज बहाव मौजूद है। इस प्रलयंकारी सैलाब के बीच फिरोजी रंग का यह दो मंजिला पक्का मकान लगातार उठती लहरों के बीच मजबूती से डटा हुआ है।

इस घर की दूसरी मंजिल की बालकनी में एक ही परिवार के कम से कम तीन लोग फंसे हुए अपनी जान बचाने की प्रार्थना कर रहे हैं। पानी के तेज बहाव में बहकर आ रहे बड़े पत्थर और एस्बेस्टस की शीटें इस घर से टकरा रही थीं, पर यह मकान अडिग रहा।

नेपाली इंजीनियर के लिए इनाम की मांग और चमत्कार का वीडियो

बाढ़ का पानी उतरने के बाद सामने आए वीडियो में दिखा कि मकान की पहली मंजिल पूरी तरह से मलबे और कीचड़ में दबी हुई थी। Social Media पर इस फिरोजी मकान की मजबूती को देखकर लोग इसे इंजीनियरिंग की वास्तुकला का एक अनोखा और वैश्विक प्रतीक मान रहे हैं।

हजारों यूजर्स सोशल मीडिया पर इस घर के प्रतिभावान नेपाली इंजीनियर के लिए नेशनल मेडल और पुरस्कारों की मांग कर रहे हैं। इस भयानक तबाही के बीच पूरे परिवार की जान सुरक्षित बचना किसी बड़े चमत्कार और बेहतरीन निर्माण कला से कम नहीं है।

नेपाल में जलप्रलय से मची भारी तबाही और मौतों के आंकड़े

नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में तिब्बत सीमा के पास भोटे कोशी नदी की इस बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह तबाह हो चुका है। नेपाल पुलिस के अनुसार इस प्रलयंकारी आपदा में अब तक करीब 489 लोगों की दर्दनाक मौत होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।

बाढ़ के पानी का बहाव इतना तेज था कि मृतकों के शव बहकर काफी दूर चितवन और अन्य मैदानी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें दुर्गम रास्तों पर मलबे को साफ करने और बचे लोगों को बचाने में जुटी हुई हैं।

लापता विदेशी नागरिक और चीन की आपातकालीन तैयारी

बाढ़ के बाद लापता लोगों में सबसे अधिक 178 भारतीय नागरिक हैं, जिनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास लगातार जारी है। लापताओं में भारत के अलावा 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 33 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी तिब्बत और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बचाव कार्यों के समन्वय के लिए आपात बैठक की है। प्रशासन और वायुसेना के हेलीकॉप्टर दुर्गम पहाड़ी चोटियों पर फंसे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

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