नेपाल में तबाही (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nepal Flood: नेपाल के त्रिशुली बाजार में तबाही, बाढ़ और भूस्खलन में बही सैकड़ों दुकानें, सड़क पर आए लोग

Nepal Flood Disaster: नेपाल के त्रिशुली बाजार में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही ने चारों तरफ कोहराम मच गया। बाढ़ से आई तबाही पर लोगों ने दर्द बयां किया कि कैसे उनकी जिंदगी भर की मेहनत पानी में बह गई।

प्रिया सिंह

Nepal Flood Trishuli Bazar Wash Away: नेपाल के प्रसिद्ध त्रिशुली बाजार में बाढ़ और भूस्खलन से मची विनाशकारी तबाही ने चारों तरफ भारी कोहराम मचाया है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने यहां के अनेक परिवारों को एक ही झटके में पूरी तरह सड़क पर ला खड़ा किया है।

स्थानीय लोगों ने रोते हुए बताया कि उनकी आंखों के सामने ही उनके अपने सगे-संबंधी और जीवन भर की गाढ़ी कमाई बह गई। इस खौफनाक तबाही का अंदाजा लगाना भी बेहद मुश्किल है, क्योंकि मिनटों के भीतर पूरा बाजार नदी के मलबे में तब्दील हो गया।

त्रिशुली बाजार में भीषण बाढ़ और भयानक मलबे का कहर

नुवाकोट जिले का त्रिशुली बाजार पहले एक बहुत ही समृद्ध व्यापारिक केंद्र था, जो इस जलप्रलय में पूरी तरह मलबे का ढेर बन चुका है। बाढ़ से प्रभावित एक स्थानीय परिवार ने रोते हुए बताया कि उनके यहां पांच घर थे, जिनमें से चार मकान वे दूसरों को किराये पर देते थे।

इसके साथ ही उनकी लगभग 200 दुकानें भी इसी बाजार में थीं, लेकिन इस अचानक आए सैलाब ने उनके घर और दुकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। अब उनके पास केवल पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा है और वे खुले आसमान के नीचे इस सड़क पर रहने को मजबूर हैं।

लाखों का कपड़ा व्यापार खत्म और व्यापारियों का गहरा दुख

इस प्रसिद्ध बाजार में अब केवल विनाशकारी नदी बह रही है, जहां पहले खरीदारों की भारी भीड़ के कारण पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी। कपड़े का बड़ा थोक काम करने वाले व्यापारी ने बहते पानी की तरफ इशारा करते हुए अपना सबसे बड़ा और दर्दनाक दुख व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि इस भीषण हादसे में उनकी पांचों दुकानें बह गईं, जिससे उन्हें चार करोड़ रुपये से अधिक का बहुत भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। व्यापारी ने फफकते हुए कहा कि अगर वे लोग अपनी दुकान खाली करने में केवल 12 मिनट की भी देरी करते, तो वे सब भी जिंदा बह जाते।

मलबे के दलदल में समाने की रोंगटे खड़े करने वाली घटना

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के व्यापारी ने बताया कि इस भयावह जलप्रलय में उनकी भाभी और भतीजा पानी के तेज बहाव में बह गए। एक अन्य चश्मदीद ने कांपती आवाज में बताया कि व्यापारी का अठारह वर्षीय बेटा देखते ही देखते रेत और मलबे के दलदल में जिंदा धंसता चला गया।

उसने बताया कि वह बच्चा लगातार चीखते हुए बचाने की गुहार लगा रहा था, लेकिन दलदल इतना गहरा था कि कोई उसे बचा नहीं पाया। इस भयानक हादसे के बाद पूरे प्रभावित क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और बेघर हुए पीड़ित लोग सरकार की सहायता की राह देख रहे हैं।

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