नेपाल त्रासदी में रेस्क्यू अभियान सौजन्य-IANS
विदेश

177 की मौत... 826 अब भी लापता, 21 भारतीयों की बची जान, नेपाल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे सैकड़ों लोग

Nepal Flood Death Toll: नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 177 पहुंच गई है। 800 से ज्यादा लोग लापता हैं, जबकि नेपाली सेना ने 116 लोगों को सुरक्षित निकाला।

प्रिया जैस

Nepal Flood Indians Rescue: नेपाल में हाल के सालों की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक, अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 177 हो गई है, जबकि 800 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल पुलिस ने गुरुवार को बताया कि भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ में 12 और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या 177 हो गई है।

नेपाल पुलिस ने मृतकों की संख्या को लेकर अपडेट दिया। बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक 177 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चीन के तिब्बती इलाके से शुरू हुई भीषण बाढ़, सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में तबाही मचाती हुई आगे बढ़ी।

नेपाल त्रासदी के बाद कहां मिले शव?

ये शव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे कई जिलों से बरामद किए गए, जिनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर शव नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाके चितवन से बरामद किए गए।

रसुवा में दो, नुवाकोट में 12, धाडिंग में 27, चितवन में 69, गोरखा में 20, तनहुं में नौ, नवलपरासी ईस्ट में 32 और नवलपरासी वेस्ट में छह लोगों की मौत हुई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 165 हो गई। चितवन, जो जंगल सफारी के लिए मशहूर एक टूरिस्ट हॉटस्पॉट है, उन कई नगर पालिकाओं में से एक है जिन्हें बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण हाई अलर्ट पर रखा गया है।

95 नेपाली और 21 भारतीयों को बचाया

नेपाल की सरकार ने कहा कि गुरुवार सुबह से ही बचाव कार्य जारी है, क्योंकि बाढ़ के कारण रिहायशी इलाकों, पनबिजली परियोजनाओं, कस्टम ऑफिस और बिजली के बुनियादी ढांचे समेत कई जगहों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, 800 से ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि नेपाली सेना ने गुरुवार सुबह बचाव अभियान चलाया और बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक, टिमुरे से 95 नेपाली नागरिकों और 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।

826 लोगों से टूटा संपर्क

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे तक 826 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इनमें से 579 पर्यटक थे, हालांकि अथॉरिटी ने यह साफ नहीं किया कि वे विदेशी पर्यटक थे, घरेलू पर्यटक थे या दोनों।

इसी तरह, रसुवा और नुवाकोट जिलों से नेपाली सेना के 48 जवान, नेपाल पुलिस के 28 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के 13 जवान और 162 अन्य लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।

नेपाल में बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान

यह अचानक बाढ़ तब आई जब एक हिमस्खलन ने भोटेकोशी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' के बहाव को रोक दिया और बाढ़ का पानी सबसे पहले चीन के साथ नेपाल की सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी के पास 'तिमुरे' इलाके से टकराया। इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि प्रधानमंत्री शाह गुरुवार सुबह नुवाकोट जिले की बाढ़ प्रभावित बिदुर नगर पालिका आपदा ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने पहुंचे।

दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर बाढ़ से हुए भौतिक नुकसान का आकलन करेंगे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ राहत, पुनर्वास और बाधित बुनियादी ढांचा सेवाओं को फिर से शुरू करने पर चर्चा करेंगे।

पीएमओ ने कहा कि उनसे यह भी उम्मीद की जाती है कि वे सभी बाढ़ पीड़ित इलाकों में तेजी से राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के लिए जरूरी निर्देश जारी करेंगे।

नेपाल जल आपदा, भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री, विदेश मंत्री जयशंकर ने ली समीक्षा बैठक

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर CISF की बड़ी कार्रवाई, यात्री के मुंह से मिले 82 ग्राम के दो कैप्सूल, देखें VIDEO

नेपाल में भारी तबाही के बाद बिहार पर खतरा, गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा, CM चौधरी ने सीमावर्ती इलाकों का लिया जायजा

जो खेले, वो खिले से मेजर ध्यानचंद तक, PM मोदी ने बताया कैसे बदलेगा भारत का स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

9:05 को आया मैसेज, 9:14 पर टूटा संपर्क; नेपाल में ईशा फाउंडेशन के 80 कैलाश यात्री लापता, सद्गुरु ने मांगी मदद