Social Media Apps Ban In Nepal: नेपाल में कई लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब कुल 26 ऐप्स काम नहीं कर रहे हैं, जिनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। नेपाल सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को आदेश दिया है कि ये ऐप्स बंद किए जाएं। अब यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर प्रतिबंध क्यों लगाया है।
नेपाल सरकार ने सभी कंपनियों को आदेश दिया था कि वे सात दिनों के भीतर अपना पंजीकरण कराएं। जिन कंपनियों ने यह पंजीकरण नहीं कराया, उनके खिलाफ अब कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लगाया गया, जो अदालत की अवमानना के एक मामले से जुड़ा था। कोर्ट ने सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि देश में मौजूद सभी घरेलू और विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पंजीकृत हों और उनके द्वारा साझा किए जा रहे पोस्ट की निगरानी हो।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने हाल ही में एक नोटिस जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अदालत की अवमानना के एक मामले में नेपाल सरकार को आदेश दिया है। इसके तहत घरेलू और विदेशी ऑनलाइन तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को संचालन शुरू करने से पहले संबंधित अधिकारियों के पास अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा और उनकी गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सूचीबद्ध करने के लिए सात दिनों की समय सीमा दी गई है।
नोटिस में बताया गया है कि नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण को देश में उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है, जिन्होंने तय समय सीमा के भीतर पंजीकरण के लिए संपर्क नहीं किया। इसके तहत इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, X, मैसेंजर, रेडिट, लिंक्डइन, व्हाट्सऐप, , इमो, जालो, वीचैट, क्वोरा, टम्बलर, क्लबहाउस, , डिस्कॉर्ड, पिनटेरेस्ट, सिग्नल, थ्रेड्स, रंबल, लाइन, सोल, हैमरो पैट्रो, एमआई वीडियो और एमआई वाईके3 को नेपाल में बंद कर दिया गया है। वहीं, पंजीकृत प्लेटफॉर्म जैसे टिकटॉक, वाइबर, वीटॉक, निम्बज, टेलीग्राम और ग्लोबल डायरी अभी भी चालू हैं। नोटिस में यह भी कहा गया है कि भविष्य में पाबंदी को हटाया भी जा सकता है।