म्यांमार सरकार ने पूर्व नेता आंग सान सू की (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Myanmar Government का बड़ा फैसला: आंग सान सू की की सजा हुई कम, पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट हुए रिहा

Myanmar Government News: म्यांमार सरकार ने पूर्व नेता आंग सान सू की की 27 साल की सजा कम कर दी है। इसके अलावा 4,335 कैदियों की आम माफी में पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट को भी रिहा कर दिया गया है।

प्रिया सिंह

Aung San Suu Kyi Sentence Reduction: म्यांमार में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच एक बहुत ही अहम और बड़ी खबर सामने आई है। यहां की सैन्य सरकार ने आंग सान सू ची की सज़ा में कटौती का एक बड़ा फैसला लिया है। इस अहम फैसले के तहत पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट को भी पूरी तरह से रिहा कर दिया गया है। यह नया कदम म्यांमार के नए राष्ट्रपति द्वारा दी गई एक विशेष आम माफी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सू की की सजा कम

Myanmar Government ने जेल में बंद अपनी पूर्व नेता आंग सान सू की को बड़ी राहत दी है। देश की जुंटा सरकार के प्रभाव वाली अदालतों ने सू की को कई मामलों में कुल 27 साल की सजा सुनाई थी। उनके वकील के अनुसार अब सरकार के नए फैसले से उनकी इस सजा में लगभग साढ़े चार साल की भारी कमी की गई है।

घर या जेल में सजा

सजा कम होने के बाद भी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की की मुश्किलें पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं। अभी तक यह बिल्कुल भी साफ नहीं किया गया है कि वह अपनी बाकी की लंबी सजा जेल में काटेंगी या फिर घर में। अपने ऊपर चले मुकदमों के खत्म होने के बाद से उन्हें किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बिल्कुल नहीं देखा गया है।

पूर्व राष्ट्रपति की रिहाई

Myanmar Government ने आंग सान सू की के एक बहुत करीबी सहयोगी और देश के पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट को रिहा कर दिया है। विन म्यिंट ने देश में साल 2018 से लेकर 2021 में हुए भयानक सैन्य तख्तापलट तक राष्ट्रपति के महत्वपूर्ण रूप में काम किया था। म्यांमार के सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक उन्हें कुछ विशेष और कड़ी शर्तों के तहत ही जेल से यह आम माफी दी गई है।

हजारों कैदियों को माफी

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने देश के कुल 4,335 अन्य कैदियों के लिए भी एक विशेष आम माफी को अपनी मंजूरी दी है। बीते मात्र छह महीनों के अंदर Myanmar Government की तरफ से देश में उठाया गया यह इस तरह का तीसरा सबसे बड़ा कदम है। म्यांमार में आमतौर पर हर साल जनवरी में स्वतंत्रता दिवस और अप्रैल में नए साल के खास मौके पर कैदियों को आम माफी दी जाती है।

सू की पर लगे आरोप

आज से ठीक पांच साल पहले सैन्य तख्तापलट करके आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। इसके बाद सेना ने उन पर लोगों को भड़काने, भ्रष्टाचार, चुनाव में भारी धांधली और गोपनीय कानूनों का उल्लंघन करने के कई गंभीर आरोप लगाए थे। वहीं दूसरी ओर सू की के सहयोगियों ने हमेशा इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह से बेतुका बताकर खारिज किया है।

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