मोहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

बांग्लादेश चुनाव: 'हम खुशी-खुशी छोड़ देंगे...', मोहम्मद यूनुस ने बताया चुनाव के बाद का अपना प्लान

Muhammad Yunus: बांग्लादेश में आम चुनाव के बीच मोहम्मद यूनुस ने सत्ता हस्तांतरण पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अफवाहों को खारिज करते हुए नवनिर्वाचित सरकार को जिम्मेदारी सौंपने का भरोसा दिलाया है।

अमन उपाध्याय

Bangladesh Election Yunus Statement: बांग्लादेश में आज, 12 फरवरी 2026 का दिन एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और बड़े पैमाने पर हुए तख्तापलट के बाद देश में पहली बार आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश की अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने सत्ता के भविष्य को लेकर चल रहे तमाम कयासों पर पूर्णविराम लगा दिया है।

'सत्ता सौंपने की शुभ घड़ी का इंतजार'

वोटिंग शुरू होने से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल एक निष्पक्ष चुनाव कराना था। उन्होंने कहा कि हम पूरी खुशी और गर्व के साथ देश की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित सरकार को सौंप देंगे और अपने-अपने कामों में लौट जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि वे उस शुभ घड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जब लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार देश की बागडोर संभालेगी।

अफवाहों और प्रोपेगेंडा पर कड़ा प्रहार

मोहम्मद यूनुस ने उन तमाम चर्चाओं को 'निराधार प्रोपेगेंडा' करार दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि अंतरिम सरकार सत्ता पर कब्जा बनाए रख सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जब राज्य की दिशा और आने वाली पीढ़ियों का भाग्य तय होता है। उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी डर के घर से निकलने और मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि मतदान केंद्रों पर जबरन कब्जा या अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिंसा और धांधली के बीच मतदान

यूनुस की शांति की अपील के बावजूद, बांग्लादेश में मतदान के दौरान देश के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। ढाका पोलिंग बॉडी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कम से कम 140 मतदान केंद्रों पर गड़बड़ियां दर्ज की गई हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि 43 केंद्रों पर हिंसक झड़पें और मारपीट हुई है जबकि 4 केंद्रों पर पोलिंग एजेंटों को डराकर बाहर निकाल दिया गया।

इसके अलावा, कुछ इलाकों से रात के समय मतदान करने, बूथ लूटने और मतदाताओं को धमकाने की भी शिकायतें मिली हैं जो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही हैं। यह चुनाव बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता लाने की एक बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। शेख हसीना के जाने के बाद से देश जिस उथल-पुथल से गुजर रहा है उसे खत्म करने के लिए जनता अब एक नए नेतृत्व की ओर देख रही है।

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