Mojtaba Khamenei Warning Strait Of Hormuz: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
इस फैसले के साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने दुश्मनों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरानी नौसेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और दुश्मन पर हमला 'बिजली' की तरह होगा। यह बयान ईरान के सेना दिवस के अवसर पर जारी किया गया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सेना का सामना कर रही अपनी सेना की जमकर तारीफ की।
सूत्रों के अनुसार, यह संकट तब गहराया जब अमेरिका और ईरान के बीच हुई संक्षिप्त गहमागहमी के बाद ईरान ने होर्मुज को खोलने का संकेत दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में इस कदम का स्वागत किया, लेकिन तुरंत बाद यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक ईरान के साथ कोई नया शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। ईरान ने इसे अमेरिका की ओर से भरोसा तोड़ना बताया और शनिवार सुबह घोषणा की कि होर्मुज पर लगे सभी प्रतिबंध अब पुरानी स्थिति में लौट आए हैं।
तनाव की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे कम से कम दो व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की गई है। इसमें एक भारतीय तेल टैंकर के भी शामिल होने की खबरें हैं जिस पर हमला होने के बाद अन्य जहाजों में दहशत फैल गई।
ईरानी नौसेना द्वारा रेडियो पर जारी संदेश के बाद, होर्मुज से गुजरने के लिए आगे बढ़े एक भारतीय जहाज को भी यू-टर्न लेना पड़ा। वर्तमान में करीब 20 जहाजों को रास्ता बदलकर ओमान की ओर भेज दिया गया है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी ओमान के उत्तर-पूर्व में गोलीबारी की घटना दर्ज की है, हालांकि चालक दल के सुरक्षित होने की बात कही जा रही है।
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होर्मुज की खाड़ी के दोबारा बंद होने से दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। मरीनट्रैफिक के डेटा के अनुसार, जहाजों का काफिला अब तितर-बितर हो चुका है और सैन्य तनाव के कारण व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसके बंदरगाहों से अमेरिकी प्रतिबंध नहीं हटते, तब तक होर्मुज का रास्ता बंद रहेगा। इस सैन्य तनातनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका पैदा कर दी है।