

Iran Blocks Bangladeshi Ship MV Banglar Joyjatra: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग, होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में, बांग्लादेश के सरकारी 'बांग्लादेश शिपिंग कॉर्पोरेशन' (BSC) के मालवाहक जहाज 'एमवी बांग्लार जॉयजात्रा' को ईरानी अधिकारियों ने आगे बढ़ने से रोक दिया है।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इस जहाज को ट्रांजिट की मंजूरी न होने का हवाला देकर रोक दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने पहले इस मार्ग को खोलने का संकेत दिया था जिससे कई व्यापारिक जहाजों ने वहां से गुजरने की कोशिश की थी।
ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में कड़ा रुख अपनाते हुए एक रेडियो निर्देश जारी किया है। इस आदेश में वहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को तत्काल अपने इंजन बंद करने और आवाजाही रोकने की चेतावनी दी गई है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आईआरजीसी की लिखित अनुमति के बिना किसी भी विदेशी जहाज को इस मार्ग को पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एमवी बांग्लार जॉयजात्रा के चालक दल ने बताया कि यह आदेश रात के अंधेरे में अचानक जारी किया गया, जिससे जहाजों के बीच अफरातफरी मच गई।
बीएससी के मैनेजिंग डायरेक्टर कमोडोर महमूदुल मालेक ने बताया कि कंपनी ने पहले ईरान से अनुमति मांगी थी लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। चूंकि कोई आधिकारिक मनाही नहीं आई थी और लगभग 40 अन्य कमर्शियल जहाज उस रास्ते पर चलने लगे थे, इसलिए बांग्लार जॉयजात्रा ने भी उनके पीछे चलना शुरू कर दिया। जहाज अपनी सामान्य गति से ओमान सागर की ओर बढ़ रहा था, लेकिन रात करीब 12:30 बजे ईरानी नेवी और आईआरजीसी के एक संदेश ने पूरी यात्रा पर ब्रेक लगा दिया।
इस जहाज पर 31 क्रू मेंबर्स सवार हैं जो वर्तमान में समुद्र के बीच में फंसे हुए हैं। जहाज के चीफ इंजीनियर रशीदुल हसन के अनुसार, जहाज ने सऊदी अरब के रास अल खैर पोर्ट से लगभग 37,000 टन फर्टिलाइजर (खाद) लोड किया था। इसकी मंजिल दक्षिण अफ्रीका का केप टाउन शहर थी। इससे पहले भी इस जहाज ने 8 अप्रैल को इस रास्ते को पार करने की कोशिश की थी और करीब 40 घंटे तक इंतजार किया था लेकिन तब भी इसे सफलता नहीं मिली थी।
एमवी बांग्लार जॉयजात्रा की यह यात्रा लंबे समय से बाधाओं का सामना कर रही है। यह जहाज 27 फरवरी को कतर के मेसाईद पोर्ट से 38,800 टन स्टील कॉइल लेकर संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली पोर्ट पहुंचा था। क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात और सुरक्षा कारणों से जहाज काफी समय तक पोर्ट पर ही खड़ा रहा और इसकी अनलोडिंग की प्रक्रिया भी 11 मार्च तक खिंच गई। वर्तमान में, जहाज के अधिकारी और बांग्लादेशी प्रशासन ईरानी अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं ताकि 31 क्रू सदस्यों और कीमती माल को सुरक्षित निकाला जा सके।