ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

Mojtaba Khamenei ने खाड़ी देशों से की एकजुट होने की अपील, अमेरिका-इजरायल को बताया क्षेत्र का बड़ा दुश्मन

Mojtaba Khamenei Message: मिडिल ईस्ट जंग के 6 महीने पूरे होने पर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों से अमेरिका व इजरायल को असली दुश्मन मानकर एकजुट होने की बड़ी अपील की है।

प्रिया सिंह

Supreme Leader Mojtaba Khamenei Message: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के छह महीने पूरे होने के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों और इस्लामी राष्ट्रों के नाम बड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने क्षेत्र के देशों से आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की अपील की और अमेरिका तथा इजरायल को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब लंबे समय से जारी संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया में राजनीतिक और सैन्य तनाव बढ़ा दिया है।

पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर जारी लिखित बयान में मोजतबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों के बीच सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के देशों को अपने साझा हितों और भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए।

मुस्लिम देशों में फूट से दुश्मनों को फायदा

मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि मुस्लिम समुदाय और इस्लामी देशों के बीच किसी भी तरह का विभाजन बाहरी शक्तियों को फायदा पहुंचाता है। उनके अनुसार, राजनीतिक और धार्मिक मतभेदों को बढ़ाने वाले कदम क्षेत्र की एकता को कमजोर कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या नेतृत्व अगर ऐसा कार्य करता है जिससे समाज और देशों के बीच फूट पैदा हो, तो इसका लाभ उन ताकतों को मिलता है जो क्षेत्र को अस्थिर रखना चाहती हैं। खामेनेई ने खाड़ी देशों के नेताओं से आपसी सहयोग बढ़ाने और साझा सुरक्षा हितों पर मिलकर विचार करने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिमी शक्तियों के प्रभाव से अलग होकर क्षेत्रीय देशों को अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार करनी चाहिए।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव

युद्ध के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कई बार गंभीर स्तर तक पहुंच चुका है। संघर्ष के शुरुआती दौर में अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान की सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व व्यवस्था में बड़े बदलाव हुए और मोजतबा खामेनेई ने देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभाली।

पद संभालने के बाद उन्होंने सार्वजनिक भाषणों या वीडियो संदेशों के बजाय मुख्य रूप से लिखित बयानों के जरिए अपने विचार रखे हैं। पिछले छह महीनों के दौरान क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ीं और ईरान की ओर से कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे भी सामने आए।

इन घटनाओं के बाद सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कुवैत, कतर और बहरीन समेत कई देशों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीति को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

राष्ट्रीय एकता और डॉलर पर निर्भरता घटाने की अपील

अपने संदेश में मोजतबा खामेनेई ने केवल अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर ही नहीं, बल्कि ईरान की घरेलू स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सामाजिक विभाजन देश की स्थिरता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही खामेनेई ने ईरानी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने घरेलू उत्पादन को बढ़ाने, स्थानीय उद्योगों को मजबूत करने और विदेशी प्रतिबंधों के प्रभाव से निपटने के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करने की अपील की। मोजतबा खामेनेई का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण क्षेत्रीय गठबंधनों और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

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