मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

मोजतबा खामेनेई की हालत नाजुक! शरीर-चेहरे पर गहरे जख्म, अब इस्लामाबाद बैठक पर टिकी दुनिया की नजर

Mojtaba Khamenei Health: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस बीच, इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और भारत का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन भी चर्चा में है।

अमन उपाध्याय

Mojtaba Khamenei Health Update News:  मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं और उनके चेहरे व शरीर पर गहरे घाव हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर ऐतिहासिक वार्ता चल रही है।

मोजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति पर सस्पेंस

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और अन्य खुफिया सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, तेहरान स्थित सुप्रीम लीडर के परिसर पर हुए हमले में मोजतबा खामेनेई का चेहरा और पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने यहां तक दावा किया है कि इस हमले में मोजतबा ने अपना एक पैर खो दिया है। गौरतलब है कि यह वही हमला था जिसमें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई और परिवार के अन्य सदस्यों की मौत हो गई थी। हालांकि, चोटों के बावजूद मोजतबा मानसिक तौर पर सक्रिय बताए जा रहे हैं और ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कर रहे हैं। 8 मार्च को पदभार संभालने के बाद से अब तक उनकी कोई भी तस्वीर या वीडियो सार्वजनिक नहीं की गई है।

इस्लामाबाद में शांति की कोशिशें

एक तरफ ईरान के भीतर नेतृत्व संकट और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हैं तो दूसरी तरफ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कूटनीति का दौर जारी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक दल ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ सीजफायर वार्ता कर रहा है। ईरानी पक्ष ने अपनी टीम का नाम '#Minab168' रखा है। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी शांति समझौते के लिए ईरान का परमाणु कार्यक्रमों को छोड़ना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखना अनिवार्य होगा।

भारत का सफल रेस्क्यू मिशन

इस बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे 312 भारतीय मछुआरों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन आर्मेनिया के सहयोग से पूरा किया गया। सभी मछुआरे सुरक्षित रूप से भारत वापस लौट चुके हैं।

क्षेत्रीय हिंसा और भविष्य की राह

शांति वार्ता के बावजूद लेबनान और इजरायल के बीच जंग जारी है। दक्षिणी लेबनान में हालिया इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 357 हो गई है। वहीं, ईरान के भीतर 1,000 घंटों से अधिक का इंटरनेट बैन वहां की गंभीर आंतरिक स्थिति की ओर इशारा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल ईरान के बड़े फैसलों में 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) की भूमिका सबसे ताकतवर बनकर उभरी है।

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