मोहम्मद यूनुस 
विदेश

मोहम्मद यूनुस पेरिस से लौटे ढाका, संभालेंगे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का कार्यभार

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ लेने के लिए गुरुवार को पेरिस से स्वदेश लौट आए।बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-ज़मा ने कल कहा था कि अंतरिम सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संभवतः शाम को आयोजित किया जाएगा।

साक्षी सिंह

ढाका: नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ लेने के लिए गुरुवार को पेरिस से स्वदेश लौट आए। यूनुस ऐसे समय में अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ लेंगे जब बांग्लादेश में छात्रों के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण तीन दिन पहले शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गई थीं।

84 वर्षीय यूनुस को 2004 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को संसद भंग की थी और मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया था।

400 गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे

यूनुस ओलंपिक खेलों के लिए पेरिस में मौजूद थे। वे दुबई के रास्ते बांग्लादेश लौटे। वह सीधे प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास बंगभवन जाएंगे। बांग्लादेश में निर्वाचित सरकार बनने तक यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश की कमान संभालेगी। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन अंतरिम सरकार को शपथ दिलाएंगे। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-ज़मा ने कल कहा था कि अंतरिम सरकार का शपथ ग्रहण समारोह संभवतः शाम को आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 400 गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।

मोहम्मद यूनुस के नाम का प्रस्ताव क्यों

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने यह नियुक्ति शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद की है। मोहम्मद यूनुस एक अर्थशास्त्री हैं। उनकी उम्र 84 साल है। अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त करने का प्रस्ताव प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने रखा था। बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन देखते देखते विद्रोह और हिंसा में बदल गया। इसमें 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।

मोहम्मद यूनुस खान ने क्या कहा

बांग्लादेश के लिए रवाना होने से पहले पेरिस हवाई अड्डे पर मोहम्मद यूनुस ने  मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रमुख के तौर पर उनकी प्राथमिकता देश में सामान्य स्थिति फिर से कायम करना होगा। देश में सभी पीड़ितों को न्याय मिले, इसके लिए वह पहले दिन से  ही प्रयास जारी रहेगी ।

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