G7 Summit Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ट्रंप ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि G7 समिट के दौरान मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए गुज़ारिश की थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
इटली के एक मीडिया आउटलेट को दिए गए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेहद उत्सुक थीं और उन्होंने खुद उनसे इसकी मांग की थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह आमतौर पर फोटो नहीं खिंचवाते, लेकिन उन्होंने मेलोनी की इच्छा को देखते हुए ऐसा किया।
डोनाल्ड ट्रंप और जियोर्जिया मेलोनी की मुलाकात 15 से 17 जून के बीच आयोजित G7 समिट के दौरान हुई थी। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच दोनों नेताओं की यह मुलाकात चर्चा का विषय रही थी। माना जा रहा था कि दोनों दक्षिणपंथी नेताओं के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में बातचीत हुई थी।
ट्रंप के बयान के बाद जियोर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर उनकी टिप्पणियों का जवाब दिया। उन्होंने ट्रंप के दावों को "पूरी तरह मनगढ़ंत" बताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के बयान पर हैरानी हुई है। मेलोनी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगी देशों के नेताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सहयोगियों के प्रति इस तरह का रवैया क्यों अपनाया जाता है।
अपने बयान में मेलोनी ने कहा कि इटली और वह स्वयं किसी के सामने झुकने या गिड़गिड़ाने में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दुख है कि पश्चिमी देशों के विरोधियों के मुकाबले सहयोगी देशों के नेताओं के प्रति अधिक आलोचनात्मक रवैया अपनाया जाता है।
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मेलोनी की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर बहस को हवा दे दी है।