इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों को मेलोनी ने क्यों बताया दुनिया के लिए एक 'खतरनाक ट्रेंड'?

Meloni Criticizes Attacks: इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए एक खतरनाक और अस्थिर करने वाला रुझान बताया है। 

प्रिया सिंह

Italy PM Slams US Israel Strikes: आज के दौर में दुनिया में शांति की तलाश एक बड़ी चुनौती बन गई है और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इसी मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता जताई है। संसद में भाषण देते हुए उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए एक बहुत बुरा उदाहरण माना है। उन्होंने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी एकतरफा कार्रवाई दुनिया को अस्थिरता की ओर ले जा रही है और यह स्थिति किसी के लिए अच्छी नहीं है। इटली के प्रधानमंत्री ने अमेरिका और इजराइल के हमलों की निंदा के माध्यम से वैश्विक व्यवस्था के प्रति अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है।

वैश्विक व्यवस्था पर मेलोनी की चेतावनी

मेलोनी ने इस जंग की तुलना यूक्रेन पर रूसी हमले से करते हुए इसे एक खतरनाक रुझान करार दिया है। उन्होंने बताया कि इस तरह की एकतरफा दखलअंदाजी से अंतरराष्ट्रीय ढांचे के अस्तित्व पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। विपक्ष के दबाव के बीच मेलोनी का यह कड़ा बयान उनकी विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। मेलोनी ने संसद में दिए अपने भाषण में ईरान और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बहुत बारीकी से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था, ठीक वैसे ही ये हमले भी दुनिया में अस्थिरता फैला रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर जाकर की जाने वाली ये सैन्य कार्रवाइयां आने वाले समय के लिए एक बेहद डरावना भविष्य दिखा रही हैं।

परमाणु हथियारों का खतरा और सुरक्षा

प्रधानमंत्री मेलोनी ने यह स्पष्ट किया कि यद्यपि वे हमलों के खिलाफ हैं, फिर भी ईरान के परमाणु इरादों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु शक्ति बनता है, तो इससे इंटरनेशनल फ्रेमवर्क पूरी तरह से टूट जाएगा और दुनिया सुरक्षित नहीं रहेगी। इटली और पूरे यूरोप की भलाई के लिए यह जरूरी है कि परमाणु हथियारों के प्रसार को समय रहते कड़ाई से रोका जाए।

दुनिया भर में बढ़ते युद्ध के माहौल के बीच जॉर्जिया मेलोनी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे शांति और संवाद का रास्ता चुनें। उन्होंने कहा कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई हमेशा विनाश लेकर आती है और इसका असर आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है। इटली का यह रुख दर्शाता है कि वह युद्ध के बजाय बातचीत और कानूनी नियमों के समर्थन में खड़ा है और शांति चाहता है।

खाड़ी में तैनात इटालियन सैनिकों की रक्षा

इटली द्वारा खाड़ी देशों को दिए जा रहे एयर डिफेंस सिस्टम के पीछे का मुख्य उद्देश्य अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मेलोनी के अनुसार उस अशांत क्षेत्र में करीब 2,000 इटालियन सैनिक और हजारों आम नागरिक मौजूद हैं जिनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते इटली अपने लोगों को युद्ध की आग में अकेला नहीं छोड़ सकता है।

स्पेन के बाद इटली अब दूसरा प्रमुख यूरोपीय देश बन गया है जिसने खुलकर इन हमलों की निंदा करने का साहस दिखाया है। जहां अन्य देश केवल संयम बरतने की बात कह रहे हैं, वहीं मेलोनी ने अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा पर काफी जोर दिया। उनका यह बयान आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में इटली की एक नई और निष्पक्ष भूमिका तय कर सकता है।

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