Malacca Strait Toll Tax Debate: दुनिया भर में समुद्री व्यापार मार्गों को लेकर इन दिनों एक नई और बड़ी बहस छिड़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब Malacca Strait टोल टैक्स पर बहस ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इंडोनेशिया ने इस व्यस्त व्यापारिक मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने का बड़ा सुझाव दिया है। हालांकि सिंगापुर ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए समुद्री रास्ते को पूरी तरह मुफ्त रखने की बात कही है।
Malacca Strait इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के बीच स्थित दुनिया का एक बहुत ही महत्वपूर्ण चोक पॉइंट है। यह अहम समुद्री मार्ग सीधे तौर पर हिंद महासागर को बड़े प्रशांत महासागर के साथ जोड़ने का काम करता है। पूरी दुनिया का करीब 40 प्रतिशत व्यापार इसी खास और बेहद व्यस्त समुद्री रास्ते से होकर रोजाना गुजरता है।
इंडोनेशिया के वित्त मंत्री पुरबाया युधि सादेवा ने हाल ही में इस मार्ग पर टोल टैक्स लगाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि Malacca Strait से रोजाना बड़ी संख्या में जहाज गुजरते हैं लेकिन उनसे कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। उनका सुझाव था कि टैक्स से होने वाली भारी कमाई को इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के बीच बराबर बांटा जा सकता है।
Malacca Strait और इसके आस-पास के इलाके एशियाई देशों के लिए ऊर्जा और व्यापार की मुख्य जीवन रेखा माने जाते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के अनुसार पूर्वी एशिया का करीब 70 प्रतिशत ऊर्जा व्यापार इसी क्षेत्र से होता है। इसमें सुंडा और मकासर स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री मार्ग भी पूरी तरह से शामिल हैं जो व्यापार को बहुत बड़ी गति देते हैं।
इंडोनेशिया के इस नए प्रस्ताव पर पड़ोसी देश सिंगापुर की तरफ से तुरंत एक बहुत ही कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियान बालाकृष्णन ने साफ शब्दों में कहा कि यह अहम रास्ता हमेशा खुला और फ्री रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका देश जहाजों पर टोल लगाने या आवाजाही रोकने की किसी भी कोशिश का हिस्सा बिल्कुल नहीं बनेगा।
सिंगापुर के मंत्री ने याद दिलाया कि सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच पहले से ही एक मजबूत समझौता लागू है। इस पुराने समझौते के तहत कोई भी व्यापारिक जहाज बिना किसी शुल्क के इस रास्ते से बहुत ही आसानी से गुजरता है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई थी क्योंकि ये तीनों ही देश अपनी अर्थव्यवस्था के लिए समुद्री व्यापार पर भारी निर्भर करते हैं।
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विशेषज्ञों का साफ तौर पर मानना है कि अगर Malacca Strait पर टोल लगाया गया तो इससे शिपिंग की लागत बहुत बढ़ जाएगी। शिपिंग का खर्च बढ़ने से इसका सीधा असर कच्चे तेल और दूसरे जरूरी सामानों की कीमतों पर बहुत तेजी से पड़ेगा। होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब मलक्का विवाद ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने एक और बहुत बड़ा और नया संकट खड़ा कर दिया है।