इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना पाकिस्तान में ही रहकर महफूज नहीं हैं। उन पर आए दिन हमला हो रहा है। शुक्रवार को दक्षिणी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर एक बार फिर से बड़ा हादसा हुआ। इस हमले में 6 जवानों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं।
पाकिस्तानी सेना पर दहशतगर्दों का हमला थमने का नहीं ले रहा है। जून के महीने से लगभर हर महीने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आतंकी हमला कर रहे हैं। हर हमले में कई जवानों की जान चली जाती है और कई घायल हो जाते हैं।
22 अगस्त की घटना में 11 जवानों की मौत
इसके पहले दहशतगर्दों ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 22 अगस्त को पुलिसकर्मियों पर रॉकेट से हमला कर दिया गया। जिसमें कम से कम 11 जवानों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। लाहौर से करीब 400 किलोमीटर दूर रहीम यार खान जिले में कई पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया गया था।। पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया था कि कि दहशतगर्दों ने उन पर रॉकेट से हमला कर दिया।
हमले में कम से कम 11 पुलिसकर्मी मौके पर ही मारे गए, जबकि उनमें से कुछ को बंधक बना लिया गया और बाकी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है।
9 जून को 7 जवानों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक दिन पहले हुए आतंकवादी हमले में 7 सैनिकों की मौत हो गई। सैनिकों के मौत की खबर पर बौखलाए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बौखलाते हुए आतंकवाद को खत्म करने का संकल्प लिया। रविवार को लक्की मरवत जिले के सरबंद पोस्ट कच्ची कमर की ओर जा रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया था। इसमें एक कैप्टन समेत समेत सात सैनिकों की मौत हो गई थी।
लक्की मरवत आतंकवादियों का गढ़
सैनिकों की मौत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा था कि लक्की मरवत जिले में हुए आतंकी हमले में एक कैप्टन समेत पाकिस्तानी सेना के जवानों की शहादत से मुझे गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों और नागरिकों का बलिदान हम पर एक ऋण है जिसे हमें अपने देश से आतंकवाद को समाप्त करके चुकाना होगा।पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, लक्की मरवत टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान आतंकवादियों का गढ़ है।