जोसेफ आउन, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

'यह तुम्हारा देश नहीं, हमारा है', ईरान पर बरसे लेबनानी राष्ट्रपति, हिजबुल्लाह के मिसाइलों हमलों से बढ़ा तनाव

Joseph Aoun Slams Iran: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि लेबनान का इस्तेमाल क्षेत्रीय सौदेबाजी के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

अमन उपाध्याय

Lebanon President Joseph Aoun Slams Iran Hezbollah: मीडिल ईस्ट में एक तरफ जहां इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सीमा पर मिसाइल हमलों और तीखी बयानबाजी ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अब सीधे तौर पर ईरान और हिजबुल्लाह को चेतावनी देते हुए कहा है कि लेबनान को किसी भी देश के क्षेत्रीय हितों के लिए मोहरे की तरह इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।

हिजबुल्लाह का मिसाइल हमला

हाल ही में इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दावा किया है कि हिजबुल्लाह ने इजरायली वायुसेना के विमानों को निशाना बनाने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, इस हमले में कोई विमान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ और न ही कोई घायल हुआ, लेकिन इसके बाद इजरायल के सीमावर्ती इलाकों में दहशत फैल गई। शिज्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल हमले के तुरंत बाद किर्यत शमोना शहर और लेबनान सीमा के पास उत्तर-पूर्वी इजरायल के आठ गांवों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे, जिससे हजारों लोगों को अपनी जान बचाने के लिए शेल्टर की ओर भागना पड़ा।

राष्ट्रपति आउन का ईरान को कड़ा संदेश

इस सैन्य तनाव के बीच लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन का बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अमेरिका के साथ हो रही बातचीत में लेबनान को एक 'बार्गेनिंग चिप' के रूप में इस्तेमाल करने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। राष्ट्रपति आउन ने ईरान को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में कहा, 'यह आपका देश नहीं है, यह हमारा देश है' उनका यह बयान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उस दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका और इजरायल के साथ किसी भी समझौते के लिए ईरान की मुख्य शर्त लेबनान सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम है।

हिजबुल्लाह के खिलाफ घरेलू मोर्चा

राष्ट्रपति आउन ने न केवल ईरान बल्कि हिजबुल्लाह के महासचिव नईम कासिम को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लेबनान के लोग दशकों से जारी युद्ध और विस्थापन से थक चुके हैं और अब शांति से जीना चाहते हैं। कासिम द्वारा सरकार गिराने की धमकी और सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के बयानों पर पलटवार करते हुए आउन ने कहा कि लेबनान की जनता किसी एक संगठन की नहीं बल्कि देश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बातचीत ही है और हिजबुल्लाह के सशस्त्र वजूद का मुद्दा लेबनान को घरेलू स्तर पर ही हल करना होगा।

क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की चुनौती

यह तनावपूर्ण स्थिति तब पैदा हुई है जब बुधवार को वाशिंगटन में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान युद्धविराम लागू करने पर सहमत हुए थे। राष्ट्रपति आउन का मानना है कि हिजबुल्लाह के हथियारबंद होने के मूल कारणों से निपटना होगा जिसमें इजरायल का लेबनानी क्षेत्रों से पीछे हटना और सीमा विवाद का स्थायी अंत शामिल है। फिलहाल, लेबनान की जनता मौत और तबाही के साये में शांति की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि क्षेत्रीय ताकतें अपने हितों को साधने में जुटी हैं।

सपा नेता सिनोद शाक्य को BJP ने बनाया प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 6 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब