रूसी विदेश मंत्री लावरोव (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Russia Ukraine War: 'ईयू' बना शांति की राह में कांटा, लावरोव बोले- बातचीत को तैयार नहीं यूरोप

Lavrov Slams EU: रूसी विदेश मंत्री ने ईयू को शांति का दुश्मन बताया है। उन्होंने कहा कि यूरोप शांतिवार्ता के बजाय रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा और ट्रंप के प्रयासों को रोक रहा है।

प्रिया सिंह

Sergei Lavrov Accuses European Union Of Preparing For War With Russia: रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब एक नए कूटनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें शांति की राह में सबसे बड़ा अवरोध बताया है।

लावरोव के अनुसार, जबकि रूस और अमेरिका बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं, यूरोपीय देश केवल युद्ध को भड़काने में लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यूरोप का रवैया न केवल यूक्रेन के लिए बल्कि पूरे महाद्वीप की स्थिरता के लिए घातक साबित हो सकता है।

ईयू पर शांति वार्ता में बाधा डालने का आरोप

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूरोपीय संघ यूक्रेन विवाद पर किसी भी सार्थक और रचनात्मक बातचीत के लिए तैयार नहीं है। लावरोव का दावा है कि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद, अब यूरोप ही वह मुख्य शक्ति है जो शांति प्रयासों को पटरी से उतार रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय नेता बातचीत के बजाय रूस को आर्थिक रूप से बर्बाद करने का सपना देख रहे हैं। लावरोव के अनुसार, ईयू का लक्ष्य शांति नहीं बल्कि रूस के साथ सीधे सैन्य टकराव की तैयारी करना है।

यूरोप की सैन्य तैयारियों पर रूस की चेतावनी

लावरोव ने अपने बयान में कहा कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन और इमैनुएल मैक्रों जैसे नेता रूस के खिलाफ नफरत फैलाने में लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में अपनी सैन्य टुकड़ियां भेजते हैं, तो उन्हें रूस द्वारा "वैध सैन्य लक्ष्य" माना जाएगा।

लावरोव ने दुख जताया कि लगभग सभी यूरोपीय देश यूक्रेन को हथियारों और पैसों से भर रहे हैं, जिससे युद्ध लंबा खिंच रहा है। रूस का मानना है कि यूरोपीय "वॉर पार्टी" अपने राजनीतिक हितों के लिए अपने ही लोगों की सुरक्षा को दांव पर लगा रही है।

ट्रंप के शांति प्रयासों की सराहना

ईयू की आलोचना के विपरीत, लावरोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम द्वारा पेश किए गए शांति प्रस्तावों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि रूस अमेरिका के साथ मिलकर युद्ध के "मूल कारणों" को सुलझाने के लिए काम करने को तैयार है।

लावरोव ने संकेत दिया कि रूस को ट्रंप के मध्यस्थता वाले रुख पर भरोसा है, लेकिन जेलेंस्की शासन और उनके यूरोपीय प्रबंधक (Curators) समझौते के मूड में नहीं दिख रहे हैं। रूस ने स्पष्ट किया है कि वह केवल उन्हीं समझौतों को मानेगा जो उसकी सुरक्षा गारंटी और जमीनी हकीकतों का सम्मान करेंगे।

तिरंगे की शान में ड्यूटी निभाते हुए कांस्टेबल ए. धर्मराज ने गंवाई जान, CM विजय ने परिवार को दिए 30 लाख

NEET में 570 अंक फिर भी नहीं मिली सीट तो बदली राह, 21 की उम्र में शुभांगी ने क्रैक कीं 5 सरकारी नौकरियां

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक