कीव यूनिवर्सिटी ड्रोन अटैक (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

Kyiv University Attack: रूसी आतंक पर क्यों चुप है दुनिया? कीव यूनिवर्सिटी पर ड्रोन हमले के बाद भड़के जेलेंस्की

Kyiv Attacks Update: कीव में यूनिवर्सिटी पर रूसी ड्रोन हमलों के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने वैश्विक चुप्पी की कड़ी निंदा की और आगाह किया कि रूस भविष्य के युद्धों के लिए यह रणनीति सीख रहा है।

प्रिया सिंह

Escalating Russian Kyiv Attacks: कीव में यूनिवर्सिटी पर रूसी ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि रूस यूक्रेन में अपने हमलों के जरिए भविष्य के युद्धों के लिए नई रणनीतियां और तकनीकें विकसित कर रहा है। हमले के समय यूनिवर्सिटी में कक्षाएं चल रही थीं, लेकिन 160 छात्रों के समय रहते सुरक्षा बंकरों में पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।

कीव के बाद ओडेसा में भी भारी हमला

रूसी हमलों का असर केवल कीव तक सीमित नहीं रहा। ओडेसा में भी रूसी बमबारी के कारण कई आवासीय इमारतों और बिजली से जुड़े ढांचों को नुकसान पहुंचा। इस हमले में एक बच्चे समेत पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

इसके अलावा खार्किव और खेरसॉन क्षेत्रों में भी नागरिक इलाकों, पुलिस चौकियों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े भवनों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। हमलों के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

जेलेंस्की ने वैश्विक चुप्पी पर उठाए सवाल

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के लगातार हमलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों की रणनीति को रूस लगातार बेहतर बना रहा है।

जेलेंस्की के मुताबिक, रूस यूक्रेन के शहरों को निशाना बनाकर अपनी सैन्य तकनीक और युद्ध के तरीकों को विकसित कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की कार्रवाई को नहीं रोका गया तो भविष्य में दूसरे देशों के लिए भी यह गंभीर सुरक्षा खतरा बन सकती है।

यूरोप के लिए भी बताया बड़ा सुरक्षा खतरा

जेलेंस्की ने रूसी और ईरानी शाहेद ड्रोन के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए कहा कि यह संकट सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यूरोप में लगातार बढ़ते ड्रोन हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

उन्होंने यूक्रेन को और अधिक सैन्य सहायता उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत वायु रक्षा व्यवस्था नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। जेलेंस्की का कहना है कि रूस पर दबाव बढ़ाकर ही हमलों की तीव्रता को कम किया जा सकता है।

रूसी हवाई क्षेत्र को लेकर चेतावनी

इस बीच वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूसी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाली विमानन कंपनियों और बीमा ऑपरेटरों को भी सुरक्षा जोखिमों के प्रति आगाह किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्ध के बीच रूसी हवाई क्षेत्र में परिचालन से जुड़े खतरे बढ़ गए हैं।

जेलेंस्की ने संकेत दिया कि यूक्रेन रूस के सैन्य ठिकानों और उसकी युद्ध क्षमता के खिलाफ जवाबी ड्रोन हमले जारी रखेगा। उनका कहना है कि यूक्रेन अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का अधिकार रखता है। लगातार बढ़ते हमलों के बीच कीव और मॉस्को के बीच तनाव कम होने के बजाय और गहराता दिखाई दे रहा है।

Ram Mandir Trust Decisions: पहले CEO जितेंद्र मिश्रा, गोविंद गिरी महासचिव, राम मंदिर में किसे क्या जिम्मेदारी?

भावनगर पारा यार्ड रिमॉडलिंग को रेलवे की मंजूरी; ₹125 करोड़ से होगा अपग्रेड, जानें प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

Kal Ka Mausam : यूपी-बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी... नितिन गडकरी का बदलेगा मंत्रालय! महाराष्ट्र से किसे मिलेगी जगह?

Jitendra Mishra: कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, जो बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO?