जोए केंट, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान जंग के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, अमेरिकी काउंटर टेररिज्म चीफ जोए केंट पर 'देशद्रोह' की जांच शुरू

Joe Kent: काउंटर टेररिज्म विभाग के पूर्व प्रमुख जोए केंट ने ईरान युद्ध के विरोध में इस्तीफा दिया था। अब ट्रंप प्रशासन की सिफारिश पर FBI ने उन पर खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में जांच शुरू की है।

अमन उपाध्याय

Joe Kent Leak Investigation FBI: अमेरिकी सरकार के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के पूर्व प्रमुख जोसेफ उर्फ जोए केंट के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित युद्ध के विरोध में अपना पद छोड़ने वाले केंट अब खुद जांच के घेरे में हैं। उनके इस्तीफे ने न केवल अमेरिकी सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वाशिंगटन की काफी किरकिरी हुई है। अब ट्रंप प्रशासन की सिफारिश पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने केंट के खिलाफ एक गंभीर जांच शुरू कर दी है।

'देशद्रोह' का आरोप

जोए केंट पर आरोप है कि उन्होंने पद से हटने के साथ ही ऐसी बेहद गोपनीय और संवेदनशील जानकारी लीक कर दी है, जिसे अमेरिकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अमेरिका में इस तरह की गतिविधियों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। उन पर 'US Espionage Act (1917)' के तहत कार्रवाई की जा रही है। यदि ये आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो केंट को 10 से 20 साल तक की जेल या कुछ परिस्थितियों में आजीवन कारावास की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है।

ईरान अमेरिका के लिए खतरा नहीं

इस्तीफे के बाद जोए केंट ने मशहूर यूट्यूबर टर्कर काल्सन को दिए एक इंटरव्यू में सनसनीखेज दावे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 2025 में भी ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने लायक संवर्धित यूरेनियम नहीं था। केंट के अनुसार, ईरान ने 2004 में एक फतवा जारी किया था और तब से वह परमाणु हथियार तैयार करने का कोई विशेष प्रयास नहीं कर रहा है। उन्होंने अमेरिकी सरकार के दावों को झूठा बताते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि अगर ईरान पर हमला नहीं हुआ तो वह अमेरिका पर हमला कर देगा।

इजरायल और विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल

केंट ने अपने इस्तीफे में युद्ध के पीछे के कारणों पर भी कड़ा प्रहार किया है। उनका तर्क है कि यह युद्ध अमेरिका का नहीं है बल्कि इसे इजरायल और उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संघर्ष का सीधा नुकसान अमेरिका को उठाना पड़ेगा।

इसके अलावा, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति पर भी सवालिया निशान लगाए। केंट का इशारा 'मागा' अभियान की ओर था जिसे उनके अनुसार ईरान युद्ध की स्थिति में भारी नुकसान पहुंच सकता है। फिलहाल केंट की गिरफ्तारी की संभावनाएं जताई जा रही हैं, क्योंकि एफबीआई उनकी फाइलों और बयानों की बारीकी से जांच कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका के भीतर और बाहर ईरान नीति को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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