Islamabad Peace Talks Failed: इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता से निराशाजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जेडी वेंस (JD Vance) ने स्पष्ट किया कि इस बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका, और वे बिना किसी समझौते के अमेरिका वापस लौट रहे हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब 15 घंटे चली लंबी बातचीत के बाद कहा कि यह वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। वेंस ने कहा, "यह अच्छी खबर नहीं है। बातचीत बेनतीजा रही है।"उन्होंने आगे बताया, "कई अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई, लेकिन किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाने के कारण हम वापस लौट रहे हैं।"
जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ कई अहम बातचीत हुईं, जो अपने आप में सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन अंततः किसी भी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति अमेरिका से ज़्यादा ईरान के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
दूसरी ओर ईरान ने वार्ता के दौरान कई प्रमुख शर्तें रखी थीं। इनमें सबसे पहले सभी प्राथमिक और द्वितीयक अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने की मांग शामिल थी। इसके अलावा ईरान ने यह भी कहा कि सिर्फ उसी पर नहीं, बल्कि लेबनान (हिजबुल्लाह), इराक और यमन में भी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोका जाए।
ईरान ने अमेरिका में फ्रीज की गई अपनी अरबों डॉलर की संपत्ति को तुरंत जारी करने की भी मांग की। साथ ही, उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट शुल्क वसूलने के अधिकार को मान्यता देने की बात रखी। इसके अलावा ईरान ने शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को भी बनाए रखने पर जोर दिया।
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इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा था कि, वो कई घंटों से चल रही बैठकों पर नजर बनाए हुए हैं और स्थिति के नतीजे का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे समझौता हो या न हो, अमेरिका के नजरिए से यह एक जीत है। ट्रंप के मुताबिक, “हमारा फायदा हर हाल में है,” और उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान जहाज लगातार अमेरिका की ओर रवाना हो रहे हैं तथा देश में बड़े टैंकरों के जरिए तेल और गैस की आपूर्ति जारी है।